Mumbai News: मुंबई में मुहर्रम के जुलूस के दौरान कथित तौर पर बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान पहुंचाने की साजिश को पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी फैयाज निसार हुसैन प्रेमजी को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में दावा किया गया है कि वह जुलूस में “विटामिन” और “नेक काम” के नाम पर जहरीले कैप्सूल बांटने की योजना बना रहा था।
कैसे खुला पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, कुछ लोगों की तबीयत संदिग्ध कैप्सूल खाने के बाद बिगड़ने लगी। पीड़ितों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। जांच आगे बढ़ी तो कथित तौर पर जिंक फॉस्फाइड से भरे कैप्सूलों की साजिश का खुलासा हुआ। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने से बड़ी घटना टल गई।
15 दिनों से चल रही थी तैयारी
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी ने डोंगरी इलाके में किराए का कमरा लेकर कथित तौर पर कई दिनों तक खाली कैप्सूलों में जहर भरने का काम किया। पुलिस ने वहां से बड़ी मात्रा में जिंक फॉस्फाइड, हजारों तैयार कैप्सूल और अन्य सामान बरामद करने का दावा किया है। फिलहाल जब्त सामग्री की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
कौन है फैयाज प्रेमजी?
पुलिस के अनुसार, फैयाज प्रेमजी पुणे के विमान नगर का रहने वाला है और बीबीए ग्रेजुएट बताया जा रहा है। वह पेंट कारोबार से जुड़ा रहा है। जांच में उसकी विदेश यात्राओं, वित्तीय लेनदेन, मोबाइल रिकॉर्ड और डिजिटल गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस मामले में वह अकेला था या उसके पीछे किसी अन्य नेटवर्क का हाथ है। इस संबंध में अभी जांच जारी है।
कितना खतरनाक है जिंक फॉस्फाइड?
जिंक फॉस्फाइड का उपयोग आमतौर पर चूहे मारने की दवा के रूप में किया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह शरीर में पहुंचने पर बेहद जहरीला साबित हो सकता है और गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है। इसलिए ऐसे किसी भी अज्ञात कैप्सूल या दवा का सेवन कभी नहीं करना चाहिए।
जांच जारी, लोगों से सतर्क रहने की अपील
मुंबई पुलिस, एटीएस और अन्य केंद्रीय एजेंसियां इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही हैं। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सार्वजनिक आयोजन में अनजान व्यक्ति से मिली दवा, कैप्सूल या खाद्य सामग्री बिना पुष्टि के स्वीकार न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।