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Mumbai Local Train:मुंबई एसी लोकल में फर्जी RPF जवान बनकर कर रहा था सफर, टिकट जांच में खुली पोल

Mumbai Local Train: मुंबई मंडल में मध्य रेलवे की सतर्कता से एक फर्जी रेलवे सुरक्षा बल (RPF) कर्मी का भंडाफोड़ हुआ है। एसी लोकल ट्रेन में टिकट जांच के दौरान एक युवक खुद को RPF जवान बताकर यात्रा करता पाया गया, लेकिन जांच में उसकी सच्चाई सामने आ गई।

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यह कार्रवाई 8 जून को मानखुर्द और वडाला रोड स्टेशनों के बीच चलने वाली एसी लोकल ट्रेन में की गई। मध्य रेलवे की ट्रैवलिंग टिकट इंस्पेक्टर (TTI) श्रद्धा सालुंखे और केतकी कदम ने युवक की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए उससे पूछताछ की।

पहचान पत्र दिखाया, लेकिन नहीं दे सका जरूरी दस्तावेज

टिकट जांच के दौरान युवक ने खुद को रेलवे सुरक्षा बल का कर्मचारी बताया और एक RPF पहचान पत्र भी दिखाया। हालांकि, वह यात्रा से संबंधित कोई वैध प्राधिकरण या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

टीटीआई को उसके पहचान पत्र और जवाबों पर संदेह हुआ। पूछताछ के दौरान वह कई सवालों के संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाया, जिससे अधिकारियों का शक और गहरा गया।

खुद को कर्नाटक में तैनात RPF जवान बताया

पूछताछ में युवक ने अपना नाम मोहम्मद मलंग खान बताया और दावा किया कि वह कर्नाटक में तैनात RPF जवान है। संदेह बढ़ने पर उसे तत्काल हिरासत में लेकर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) के हवाले कर दिया गया।

जांच में पता चला कि वह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खुद को RPF कर्मचारी बताकर लोगों को गुमराह कर रहा था।

आरोपी के खिलाफ दर्ज हुई FIR

मामले की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ लोकमान्य तिलक टर्मिनस रेलवे पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत फर्जी पहचान, धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े आरोप लगाए गए हैं।

पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने फर्जी पहचान पत्र कैसे तैयार किया और उसका इस्तेमाल कहां-कहां किया।

यात्रियों को दी गई सतर्क रहने की सलाह

मध्य रेलवे ने इस घटना के बाद यात्रियों और कर्मचारियों से सतर्क रहने की अपील की है। रेलवे प्रशासन ने कहा है कि सरकारी कर्मचारी का झूठा रूप धारण करना गंभीर कानूनी अपराध है।

रेलवे ने स्पष्ट किया कि असली RPF कर्मियों के पास वैध पहचान पत्र और आवश्यक दस्तावेज होते हैं। यदि कोई व्यक्ति खुद को रेलवे कर्मचारी बताता है और उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगती हैं, तो इसकी सूचना तुरंत रेलवे हेल्पलाइन 139, नजदीकी RPF चौकी या ड्यूटी पर मौजूद रेलवे कर्मचारियों को देनी चाहिए।

सतर्कता से टला बड़ा फर्जीवाड़ा

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि टीटीआई की सतर्कता के कारण एक बड़े फर्जीवाड़े का समय रहते खुलासा हो गया। इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि सुरक्षा और टिकट जांच व्यवस्था में सतर्कता यात्रियों की सुरक्षा के लिए कितनी महत्वपूर्ण है।

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