PM Narendra Modi: पश्चिम बंगाल की राजनीति में 9 मई 2026 का दिन एक नए अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। लंबे समय तक वाम दलों और तृणमूल कांग्रेस के प्रभाव वाले राज्य में अब भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार सत्ता हासिल कर ली है। कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड ग्राउंड में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस मौके पर हजारों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।पूरे मैदान में उत्साह और जश्न का माहौल देखने को मिला। भगवा झंडों, ढोल-नगाड़ों और जोरदार नारों के बीच समर्थकों ने नई सरकार का स्वागत किया। बीजेपी समर्थकों के लिए यह सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि एक बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
PM मोदी ने खास अंदाज में किया जनता को नमन
समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक खास अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। मंच पर पहुंचते ही उन्होंने बंगाल की जनता को दंडवत होकर प्रणाम किया। प्रधानमंत्री ने सिर झुकाकर लोगों का अभिवादन किया, जिसे वहां मौजूद लोगों ने जोरदार तालियों के साथ सराहा।PM मोदी का यह भावुक और श्रद्धा से भरा अंदाज सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोगों ने इसे जनता के प्रति सम्मान और लोकतंत्र के प्रति उनकी आस्था का प्रतीक बताया। समारोह में मौजूद लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह अंदाज बंगाल की जनता के दिल को छू गया।
2014 की यादें हुईं ताजा
प्रधानमंत्री मोदी का यह नमन लोगों को साल 2014 की उस ऐतिहासिक तस्वीर की याद दिला गया, जब लोकसभा चुनाव में जीत के बाद उन्होंने संसद भवन की सीढ़ियों पर माथा टेककर लोकतंत्र के मंदिर को प्रणाम किया था। इसके अलावा नए संसद भवन के उद्घाटन के समय ‘सेंगोल’ की स्थापना के दौरान भी उनका श्रद्धा भाव देखने को मिला था।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री अक्सर ऐसे प्रतीकात्मक संदेशों के जरिए जनता से भावनात्मक जुड़ाव बनाने की कोशिश करते हैं।
‘सुवेंदु युग’ की शुरुआत?
बीजेपी की इस जीत को राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बंगाल में बीजेपी सरकार बनने से राज्य की राजनीति में नई दिशा देखने को मिल सकती है। मुख्यमंत्री बने सुवेंदु अधिकारी के सामने अब विकास, रोजगार और कानून व्यवस्था जैसे बड़े मुद्दों पर काम करने की चुनौती होगी।फिलहाल बंगाल में बीजेपी समर्थकों के बीच खुशी का माहौल है और लोग इसे राज्य की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत मान रहे हैं।
