Trending News: सोशल मीडिया पर मजेदार मीम्स और व्यंग्य भरे पोस्ट्स की वजह से वायरल हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अब कानूनी विवादों में फंसती नजर आ रही है। इस मामले को लेकर एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। आरोप लगाया गया है कि इस ऑनलाइन कैंपेन ने अदालत की टिप्पणियों का इस्तेमाल अपने प्रचार और कमर्शियल फायदे के लिए किया।
आखिर क्यों चर्चा में है ‘कॉकरोच जनता पार्टी’?
पिछले कुछ समय से इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ तेजी से वायरल हुई। इसके पोस्ट्स में बेरोजगारी, सिस्टम और युवाओं की परेशानियों को व्यंग्यात्मक अंदाज में दिखाया जाता है। यही वजह रही कि लाखों लोग इससे जुड़ गए और देखते ही देखते इसके फॉलोअर्स करोड़ों तक पहुंच गए।कई युवाओं को इसका कंटेंट मजेदार और रिलेटेबल लगा, जबकि कुछ लोगों ने इसे सिस्टम पर तंज कसने का नया तरीका बताया।
सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा गया?
याचिका में कहा गया है कि अदालत की कुछ टिप्पणियों को संदर्भ से हटाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। आरोप है कि इन्हें लोगों का ध्यान खींचने और डिजिटल लोकप्रियता बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया गया।याचिकाकर्ता का मानना है कि इस तरह अदालत की बातों को प्रमोशनल कंटेंट की तरह इस्तेमाल करना न्यायपालिका की गरिमा पर असर डाल सकता है। इसी वजह से मामले की जांच की मांग की गई है।
कमाई और ब्रांडिंग पर भी उठे सवाल
इस विवाद के बीच यह बात भी सामने आई कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से ट्रेडमार्क आवेदन किया गया है। यानी इस नाम को एक ब्रांड की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश हो सकती है।यही वजह है कि अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या सोशल मीडिया पर शुरू हुआ एक व्यंग्यात्मक अभियान आगे चलकर कमाई का जरिया बन रहा है?
सोशल मीडिया पर बंटी राय
इस पूरे मामले को लेकर इंटरनेट पर लोगों की राय भी बंटी हुई है। कुछ लोग इसे युवाओं की आवाज बता रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि मजाक और अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर अदालत जैसी संस्थाओं को विवाद में नहीं घसीटना चाहिए।फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में दायर इस याचिका पर सभी की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में कोर्ट क्या रुख अपनाता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
