Delhi Free LPG Cylinder Scheme: दिवाली से पहले दिल्ली के राशन कार्ड धारक परिवारों को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर योजना के तहत आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली कैबिनेट ने इस योजना को मंजूरी दी थी। इसके तहत होली और दिवाली पर साल में दो बार घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत के बराबर राशि लाभार्थियों के बैंक खाते में सीधे भेजी जाएगी।
राशन कार्ड धारकों को मिलेगा योजना का लाभ
दिल्ली सरकार की इस योजना के दायरे में राजधानी के सभी वैध राशन कार्ड धारक परिवार आएंगे। खास बात यह है कि इसका लाभ केवल एलपीजी सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले परिवारों तक सीमित नहीं है। जिन घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन है, वे भी सहायता के पात्र होंगे।
योजना के तहत राशि परिवार के मुखिया के आधार से जुड़े बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी जाएगी। इसके लिए त्योहार वाले महीने में सिलेंडर रिफिल कराना भी अनिवार्य नहीं होगा।
कितनी मिलेगी आर्थिक सहायता?
दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 4 नवंबर 2026 को 942 रुपये है। योजना की घोषणा के समय सामान्य राशन कार्ड धारकों के लिए 853 रुपये और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए केंद्र की सब्सिडी घटाने के बाद 553 रुपये तय किए गए थे।
सिलेंडर की कीमत और केंद्र की सब्सिडी में बदलाव के अनुसार सहायता राशि में भी समायोजन किया जा सकता है। मौजूदा दरों के हिसाब से उज्ज्वला लाभार्थियों को मिलने वाली सहायता सामान्य उपभोक्ताओं से अलग होगी।
योजना पर 242.77 करोड़ रुपये का सालाना खर्च
दिल्ली सरकार ने योजना पर सालाना करीब 242.77 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया है। सहायता साल में दो बार होली और दिवाली के अवसर पर दी जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे त्योहारों के दौरान परिवारों को रसोई के खर्च में राहत मिलेगी।
उत्तर प्रदेश में भी उज्ज्वला परिवारों को सहायता
उत्तर प्रदेश में भी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को होली और दिवाली पर मुफ्त गैस सिलेंडर देने की व्यवस्था है। दिल्ली की योजना की खास बात यह है कि इसमें सभी वैध राशन कार्ड धारक परिवार शामिल हैं, चाहे वे एलपीजी इस्तेमाल करते हों या पीएनजी।
लाभार्थियों को सलाह है कि वे अपने बैंक खाते और आधार से जुड़ी जानकारी सही रखें। योजना से संबंधित भुगतान और पात्रता की ताजा जानकारी के लिए दिल्ली सरकार के आधिकारिक विभाग से पुष्टि करें।
