Roasted Chana Adulteration: भुने चने का रंग जितना ज्यादा चमकदार और आकर्षक दिखाई दे, उसे खरीदने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है। कानपुर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच में भुने चने में प्रतिबंधित कृत्रिम पीले रंग औरामाइन डाई की मौजूदगी सामने आई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद बड़ी मात्रा में संदिग्ध चने को असुरक्षित घोषित किया गया और न्यायालय के आदेश पर उसे नष्ट करा दिया गया।
36,580 किलो भुना चना नष्ट
खाद्य विभाग के मुताबिक, 17 दिसंबर 2025 को टीम ने बिनगवां स्थित बाबा बैजनाथ ट्रेडर्स के गोदाम पर कार्रवाई करते हुए भुने चने का स्टॉक जब्त किया था। मिलावट की आशंका के चलते गोदाम को सील कर नमूने जांच के लिए भेजे गए। रिपोर्ट में चने में औरामाइन डाई की मौजूदगी की पुष्टि हुई।
इसके बाद करीब 36,580 किलोग्राम भुने चने को असुरक्षित घोषित कर दिया गया। इसकी अनुमानित कीमत करीब 33.48 लाख रुपये बताई गई है। 14 जुलाई को न्यायालय ने सीज की गई सामग्री को नष्ट करने का आदेश दिया था। इसके बाद सोमवार को तीन सदस्यीय समिति की निगरानी में चने को भौंती स्थित नगर निगम के डंपिंग यार्ड में नष्ट कराया गया।
क्या है औरामाइन डाई?
अधिकारियों के अनुसार औरामाइन डाई एक सिंथेटिक पीला रंग है, जिसका इस्तेमाल औद्योगिक क्षेत्र में जूट, चमड़ा और कपड़ा रंगने के लिए किया जाता है। खाद्य पदार्थों में इसका इस्तेमाल प्रतिबंधित है। चने को अधिक चमकदार और पीला दिखाने के लिए इसका इस्तेमाल किया गया था।
सेहत के लिए हो सकती है खतरनाक
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर जेएस कुशवाहा के अनुसार औरामिन युक्त खाद्य पदार्थ खाने से उल्टी, दस्त और पेट में तेज दर्द जैसी समस्या हो सकती है। शुरुआत में एलर्जी और आंखों में जलन भी हो सकती है। लंबे समय तक ऐसे पदार्थों के सेवन से लिवर और किडनी को नुकसान पहुंचने का खतरा बताया गया है।
पहले हल्दी में भी मिली थी मिलावट
इससे पहले कानपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने पनकी स्थित पीतांबरा इंटरप्राइजेज मसाला फैक्ट्री पर छापा मारा था। वहां चावल में कृत्रिम रंग मिलाकर हल्दी तैयार किए जाने का मामला सामने आया था। विभाग ने करीब 5.86 लाख रुपये का मिलावटी स्टॉक जब्त कर फैक्ट्री का लाइसेंस निलंबित किया था।
