मौसम में बदलाव के साथ देश के कई हिस्सों में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के मामले सामने आने लगे हैं। दिल्ली-NCR के अलावा हरियाणा, कर्नाटक और उत्तराखंड में भी संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। हालांकि, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने स्पष्ट किया है कि देश में H1N1 का कोई नया स्ट्रेन सामने नहीं आया है। ऐसे में विशेषज्ञों ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है।
दिल्ली में 2 हजार से ज्यादा H1N1 केस
24 अगस्त 2026 तक दिल्ली में H1N1 के 2,308 मामले सामने आने की जानकारी दी गई है। वहीं नोएडा में 120 से अधिक मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाई है। दिल्ली में हुई स्वास्थ्य समीक्षा बैठक के बाद अधिकारियों ने कहा कि अस्पतालों में पर्याप्त बेड और डॉक्टर उपलब्ध हैं और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। दिल्ली में अन्य फ्लू वेरिएंट के करीब 600 से 625 मामले और डेंगू के लगभग 2,200 मामले भी सामने आने की जानकारी दी गई है।
कोविड और H1N1 में कैसे करें अंतर?
H1N1 के लक्षण सामान्य फ्लू और वायरल संक्रमण से काफी मिलते-जुलते हैं। इसमें तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, बदन दर्द और अत्यधिक थकान हो सकती है। कुछ मरीजों में उल्टी और दस्त भी हो सकते हैं।
कोविड-19 में भी बुखार, खांसी, गले में खराश और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर H1N1 और कोविड की निश्चित पहचान करना मुश्किल है और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर जांच की सलाह दे सकते हैं।
किन लोगों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए?
बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में फ्लू गंभीर रूप ले सकता है। लगातार तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, सीने में तकलीफ या तेजी से बिगड़ती तबीयत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
बचाव के लिए रखें इन बातों का ध्यान
खांसते और छींकते समय मुंह-नाक ढकें, हाथों को नियमित रूप से साफ रखें और भीड़भाड़ वाली जगहों पर जरूरत के अनुसार मास्क का इस्तेमाल करें। बीमार होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखें। बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं न लें। लक्षण गंभीर होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना सबसे सुरक्षित तरीका है।
