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Circle Rate Hike: लखनऊ में जमीन खरीदना होगा महंगा! 332 गांवों की कृषि भूमि के सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी, 4 जून से नई दरों पर मांगी गई आपत्तियां

Lucknow Circle Rate Hike: लखनऊ के ग्रामीण इलाकों में जमीन खरीदने और बेचने वालों के लिए बड़ी खबर है। जिला प्रशासन ने शहर की सीमा से बाहर आने वाले 332 गांवों की कृषि योग्य जमीनों के सर्किल रेट बढ़ाने का फैसला किया है। प्रस्तावित बढ़ोतरी के तहत कई गांवों में जमीन की सरकारी दरें पहले के मुकाबले दोगुनी तक हो सकती हैं।

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प्रशासन के अनुसार, आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई दरें 4 जून से लागू कर दी जाएंगी। इससे जमीन की रजिस्ट्री और अन्य शुल्कों पर भी असर पड़ेगा।

कई गांवों में दोगुनी तक बढ़ सकती हैं दरें

प्रस्ताव के मुताबिक, कृषि भूमि के सर्किल रेट में 100 प्रतिशत से लेकर 200 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की जा सकती है। जिन गांवों में अभी कृषि भूमि का सर्किल रेट 20 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर है, वहां यह बढ़कर 35 से 40 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक पहुंच सकता है।

यह फैसला उन क्षेत्रों के लिए लिया गया है, जहां बाजार में जमीन की कीमतें सरकारी दरों से काफी अधिक चल रही हैं। प्रशासन का मानना है कि मौजूदा सर्किल रेट और बाजार मूल्य के बीच बड़ा अंतर होने के कारण संशोधन जरूरी था।

किन क्षेत्रों में होगा बदलाव

प्रस्तावित संशोधन में मोहनलालगंज के 161 गांव, सरोजनीनगर के 52 गांव, बख्शी का तालाब के 95 गांव, मलिहाबाद के 13 गांव और सदर क्षेत्र के 6 गांव शामिल हैं।

इन सभी गांवों की कृषि योग्य जमीनों की दरों में बदलाव किया जाएगा। हालांकि, लखनऊ विकास प्राधिकरण के विस्तारित क्षेत्र और नगर निगम सीमा के भीतर आने वाले गांवों को इस संशोधन से बाहर रखा गया है।

2025 में भी बढ़ी थीं दरें

गौरतलब है कि 1 अगस्त 2025 को भी लखनऊ में नए सर्किल रेट लागू किए गए थे। उस समय शहर और गांव दोनों क्षेत्रों में कृषि, आवासीय और व्यावसायिक जमीनों की दरों में 25 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई थी।

अब एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों की कृषि भूमि के सर्किल रेट में बदलाव किया जा रहा है। इससे जमीन के सरकारी मूल्य को बाजार दरों के करीब लाने की कोशिश की जा रही है।

2 जून तक दर्ज करा सकते हैं आपत्ति

जिलाधिकारी विशाख जी ने बताया कि संशोधित दरों को लेकर आम लोग 2 जून तक अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद सभी सुझावों और आपत्तियों की समीक्षा की जाएगी।

अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राकेश कुमार सिंह ने कहा कि आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम दरें लागू कर दी जाएंगी।

चार श्रेणियों में तय होंगी नई दरें

प्रशासन ने कृषि भूमि को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर नई दरें तय करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें मुख्य सड़कों के किनारे की जमीन, संपर्क मार्ग के पास की जमीन, आबादी से लगी भूमि और सामान्य कृषि भूमि शामिल हैं।

अधिकारियों के अनुसार, उपजिलाधिकारियों और उपनिबंधकों द्वारा किए गए सर्वे में पाया गया कि कृषि भूमि की बाजार कीमतें मौजूदा सर्किल रेट से काफी ज्यादा हैं। इसी आधार पर नई दरों का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

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