- विज्ञापन -
Home Uttar Pradesh Lucknow Lucknow Pollution News:दिवाली से पहले बिगड़ी राजधानी की आबोहवा,अलीगंज में AQI 277...

Lucknow Pollution News:दिवाली से पहले बिगड़ी राजधानी की आबोहवा,अलीगंज में AQI 277 ने बढ़ाई चिंता

Lucknow News:दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही राजधानी लखनऊ में प्रदूषण की समस्या बढ़ने लगी है। अभी त्योहार की आतिशबाजी शुरू भी नहीं हुई है और शहर की हवा की गुणवत्ता खराब होने लगी है। लखनऊ के ज्यादातर इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 200 के पार पहुंच गया है। सबसे चिंताजनक स्थिति अलीगंज की है, जहां AQI 277 दर्ज किया गया। ऐसे में दिवाली पर पटाखों के धुएं और बदलते मौसम के कारण लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

अलीगंज से तालकटोरा तक हवा की हालत खराब

- विज्ञापन -

लखनऊ के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है। केंद्रीय विद्यालय अलीगंज में सबसे ज्यादा 277 AQI दर्ज किया गया। वहीं, तालकटोरा औद्योगिक क्षेत्र में 257 और लालबाग में 219 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया। बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय के आसपास भी AQI 212 तक पहुंच गया।

गोमती नगर में यह आंकड़ा 198 और कुकरैल पिकनिक स्पॉट पर 161 दर्ज किया गया। आंकड़ों से साफ है कि शहर के कई हिस्सों में हवा की गुणवत्ता अच्छी स्थिति में नहीं है।

दिवाली पर पटाखों से बढ़ सकती है परेशानी

मौसम में बदलाव और हवा की रफ्तार कम होने के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में जमा हो रहे हैं। ऐसे में दिवाली के दौरान पटाखे जलाने से प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है। पटाखों से निकलने वाला धुआं और हानिकारक रासायनिक तत्व हवा में महीन कणों की मात्रा बढ़ा देते हैं।

सांस और दिल के मरीजों के लिए बढ़ा खतरा

लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के कार्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर भुवन चंद्र तिवारी के मुताबिक, हवा में मौजूद PM 2.5 और PM 10 कण स्वास्थ्य के लिए काफी नुकसानदायक हैं। खासकर PM 2.5 के कण बेहद छोटे होते हैं, जो सांस के जरिए फेफड़ों के अंदर तक पहुंच सकते हैं।

इससे खांसी, गले में खराश, आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। अस्थमा और दिल के मरीजों के साथ गर्भवती महिलाओं को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

लखनऊ में वायु प्रदूषण के साथ ध्वनि प्रदूषण भी बढ़ा

राजधानी में सिर्फ हवा ही नहीं, बल्कि शोर का स्तर भी लोगों को परेशान कर रहा है। चारबाग में दिन के समय ध्वनि प्रदूषण 89.7 डेसिबल और रात में 87.4 डेसिबल तक दर्ज किया गया।

वहीं, गोमती नगर में रात के समय 76.7 डेसिबल और इंदिरा नगर में दिन के समय 73.7 डेसिबल शोर रिकॉर्ड किया गया। जबकि आवासीय क्षेत्रों में दिन के समय 55 और रात में 45 डेसिबल की सीमा निर्धारित है।

प्रदूषण रोकने के लिए उठाने होंगे जरूरी कदम

विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव, निर्माण स्थलों पर धूल रोकने और खुले में कूड़ा जलाने पर सख्ती जरूरी है। दिवाली के दौरान लोगों को भी पटाखों से दूरी बनाने और पर्यावरण का ध्यान रखने की जरूरत है।

फिलहाल लखनऊ की बिगड़ती हवा चिंता का विषय है। अगर समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए गए, तो दिवाली के बाद राजधानी के लोगों को प्रदूषण की और गंभीर समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

- विज्ञापन -
Exit mobile version