Meerut Shocking Case: उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत और रिश्तों दोनों को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक पिता ने अपनी ही बेटी की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार करने के बजाय शव को घर में ही पड़े रहने दिया। यह मामला करीब 6 महीने तक छिपा रहा और जब खुलासा हुआ तो हर कोई सन्न रह गया।
अक्टूबर में हुई थी बेटी की मौत
जानकारी के मुताबिक, सदर बाजार के तेली मोहल्ला निवासी उदय भानू विश्वास अपनी 32 साल की अविवाहित बेटी प्रियंका के साथ रहते थे। प्रियंका की तबीयत जुलाई 2025 से खराब चल रही थी। उसे पीलिया हो गया था और चलने-फिरने में भी दिक्कत होने लगी थी। 2 अक्टूबर 2025 को दशहरे के दिन उसे आखिरी बार रिश्तेदारों ने देखा था। इसके बाद वह घर से बाहर नहीं निकली।
तीन महीने तक छिपाता रहा सच
बताया जा रहा है कि अक्टूबर में ही प्रियंका की घर के अंदर मौत हो गई थी। लेकिन पिता ने यह बात किसी को नहीं बताई। उसने शव को घर में ही रखा और बदबू को छिपाने के लिए रोज परफ्यूम और रूम फ्रेशनर छिड़कता रहा। करीब तीन महीने तक ऐसा चलता रहा, जिससे आसपास के लोगों को कोई शक नहीं हुआ।
दिसंबर में घर छोड़कर भाग गया
जब शव पूरी तरह से सड़कर कंकाल बन गया, तब आरोपी पिता दिसंबर 2025 में घर बंद करके देहरादून चला गया। वहां जाकर वह रिक्शा चलाने लगा। इस दौरान परिवार के लोगों को उसने बताया कि वह बेटी का इलाज करा रहा है।
परिजनों को हुआ शक, ऐसे खुला राज
जनवरी 2026 से ही परिजनों को शक होने लगा था, क्योंकि उदय भानू फोन उठाना बंद कर दिया था। शुक्रवार को बेगमबाग इलाके में एक चाय की दुकान पर परिजनों ने उसे देख लिया। जब उससे बेटी के बारे में पूछा गया तो वह फिर इलाज की बात कहने लगा। इसके बाद परिजन उसे घर ले गए और मकान खुलवाया।
घर के अंदर मिला कंकाल
जैसे ही घर का दरवाजा खुला, अंदर का नजारा देखकर सबके होश उड़ गए। बेड पर प्रियंका का कंकाल पड़ा हुआ था। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जांच शुरू की और कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस जांच और तंत्र-मंत्र एंगल
पुलिस के मुताबिक, यह मामला करीब 6 महीने पुराना है। पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस घटना में तंत्र-मंत्र या किसी तरह की अंधविश्वास वाली गतिविधि का एंगल भी सामने आया है, जिसकी जांच की जा रही है। डॉक्टरों की टीम पोस्टमार्टम के जरिए मौत की असली वजह पता लगाने में जुटी है
