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Uttar Pradesh: रायबरेली में आग का कहर,दमकल की देरी पर उठे सवाल, ग्रामीणों का बिजली विभाग पर आरोप

Raebareli जिले में शुक्रवार को आग की दो बड़ी घटनाएं सामने आईं। Dalmau और Shivgarh के गांवों में शॉर्ट सर्किट की वजह से गेहूं की फसल में आग लग गई।
इन घटनाओं में किसानों की मेहनत की पूरी फसल जलकर राख हो गई, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा।

डलमऊ में 18 बीघा फसल राख

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डलमऊ के मधुकर नवीन गांव में दोपहर करीब तीन बजे खेतों के पास लगे बिजली के खंभे में अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया। देखते ही देखते आग फैलने लगी।
तेज हवा के कारण आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप ले लिया और करीब 18 बीघा गेहूं की फसल को अपनी चपेट में ले लिया। कई किसानों की खड़ी फसल पूरी तरह जल गई।

किसानों का आरोप, लापरवाही बनी वजह

ग्रामीणों का कहना है कि खेतों के ऊपर से गुजर रही बिजली की लाइनें सही तरीके से नहीं बंधी थीं। हवा चलते ही उनमें स्पार्किंग होती रहती थी। किसानों ने आरोप लगाया कि इसी लापरवाही के कारण यह बड़ा हादसा हुआ। अगर समय रहते सुधार किया जाता, तो इतना नुकसान नहीं होता।

दमकल की देरी से बढ़ा नुकसान

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि आग लगने की सूचना देने के बाद भी दमकल की गाड़ी देर से पहुंची। इस बीच, पुलिस और गांव के लोगों ने मिलकर काफी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक फसल पूरी तरह जल चुकी थी।

शिवगढ़ में भी हुआ नुकसान

वहीं शिवगढ़ के जयचंदपुर मजरे बैंती में भी इसी तरह का हादसा हुआ। यहां करीब 12 बिस्वा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।
ग्रामीणों के अनुसार, एक चिड़िया हाईटेंशन तार पर बैठी थी। उसके पंख दो तारों से टकरा गए, जिससे शॉर्ट सर्किट हुआ और चिड़िया जलते हुए खेत में गिर गई। इससे खेत में आग लग गई।

अधिकारियों ने किया नुकसान का आकलन

घटना की जानकारी मिलने पर राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट तैयार की जा रही है और किसानों को शासन की ओर से हर संभव मदद दिलाई जाएगी।

किसानों में गुस्सा और चिंता

इन घटनाओं के बाद किसानों में गुस्सा और चिंता दोनों है। उनका कहना है कि हर साल ऐसी घटनाएं होती हैं, लेकिन बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया जाता।
अगर समय रहते जरूरी कदम उठाए जाएं, तो इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता है और किसानों की मेहनत को बचाया जा सकता है।

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