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Temple Administration: राम मंदिर में पहली बार होगी फुल-टाइम CEO की नियुक्ति, क्या महिला उम्मीदवारों को भी मिलेगा मौका

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेरफेर को लेकर सामने आई एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट के बाद मंदिर प्रशासन में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पहली बार मंदिर के संचालन के लिए फुल-टाइम चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) नियुक्त करने जा रहा है। ट्रस्ट का कहना है कि इस पद के लिए पुरुषों के साथ-साथ योग्य महिला उम्मीदवारों को भी समान अवसर दिया जाएगा। अगले 30 दिनों के भीतर चयन प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।

तीन सदस्यीय समिति करेगी चयन

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CEO के चयन के लिए ट्रस्ट ने तीन सदस्यीय समिति बनाई है। इसमें सिक्किम हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) प्रमोद कोहली, पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और उद्योगपति सुरेश हवारे शामिल हैं। समिति उम्मीदवारों की ईमानदारी, प्रशासनिक अनुभव, नेतृत्व क्षमता और भगवान श्रीराम के प्रति आस्था जैसे मानकों के आधार पर चयन करेगी।

इन योग्यताओं वाले उम्मीदवारों को मिलेगी प्राथमिकता

CEO पद के लिए उम्मीदवार का हिंदू होना अनिवार्य है। उसकी आयु 50 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए और किसी सरकारी विभाग, सार्वजनिक संस्था या बड़े संगठन में कम से कम 20 वर्ष का प्रशासनिक अनुभव होना जरूरी है। वित्त, मानव संसाधन, सुरक्षा, आईटी, जनसंपर्क और कानूनी मामलों में नेतृत्व का अनुभव रखने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी। मंदिर या धार्मिक संस्थानों के प्रबंधन का अनुभव भी उम्मीदवार की दावेदारी मजबूत करेगा।

तीन साल का होगा कार्यकाल

नियुक्ति शुरुआत में तीन वर्ष के अनुबंध पर होगी, जिसे प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकता है। वेतन और अन्य सुविधाएं ट्रस्ट चयनित उम्मीदवार से चर्चा के बाद तय करेगा। नियुक्त CEO की तैनाती अयोध्या में ही होगी और वह मंदिर के प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय की जिम्मेदारी संभालेगा।

SIT रिपोर्ट के बाद बढ़ी जरूरत

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा पहले ही कह चुके हैं कि मंदिर का संचालन अब अधिक पेशेवर, पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था के तहत होना चाहिए। मंदिर निर्माण अंतिम चरण में पहुंचने और श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए ट्रस्ट अब एक मजबूत संस्थागत प्रशासनिक ढांचा तैयार करना चाहता है। माना जा रहा है कि ट्रस्ट की आगामी बैठक में CEO चयन प्रक्रिया की प्रगति पर भी चर्चा की जाएगी।

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