Mahavir Jayanti 2026: आज महावीर जयंती के अवसर पर देशभर में जैन समुदाय के लोग 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर को याद कर रहे हैं। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, शोभायात्राएं और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। श्रद्धालु भक्ति और आस्था के साथ इस पर्व को मना रहे हैं।
आत्मचिंतन और सेवा का पर्व
जैन धर्म में महावीर जयंती केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और आत्मचिंतन का दिन माना जाता है। इस दिन लोग दान-पुण्य करते हैं, जीवों के प्रति दया भाव रखते हैं और अपने जीवन को बेहतर बनाने का संकल्प लेते हैं।
भगवान महावीर के पंच महाव्रत
भगवान महावीर ने जीवन को सही दिशा देने के लिए पांच प्रमुख सिद्धांत बताए, जिन्हें पंच महाव्रत कहा जाता है—अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह। ये सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और व्यक्ति को नैतिक जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं।
जीवन में कैसे लाएं बदलाव
महावीर स्वामी के सिद्धांतों को अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। अहिंसा से रिश्तों में मधुरता आती है, सत्य से विश्वास मजबूत होता है, और अपरिग्रह से जीवन सरल बनता है। संयम और अनुशासन से व्यक्ति अपने लक्ष्य को आसानी से प्राप्त कर सकता है।
क्यों मनाई जाती है महावीर जयंती
पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को भगवान महावीर का जन्म हुआ था। उनका जन्म बिहार के कुंडलपुर में ईसा पूर्व 599 में हुआ था। राजकुमार वर्धमान ने 30 वर्ष की आयु में सांसारिक जीवन त्यागकर तपस्या की और ज्ञान प्राप्त किया।









