1 July 2026 New Rules: 1 जुलाई 2026 से देशभर में कई महत्वपूर्ण वित्तीय और उपभोक्ता संबंधी बदलाव लागू हो गए हैं। इन बदलावों का असर आम लोगों के दैनिक खर्च, यात्रा, बैंकिंग सेवाओं और घरेलू बजट पर दिखाई देगा। जहां कुछ आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में राहत मिली है, वहीं कई सेवाएं पहले की तुलना में महंगी हो गई हैं।
इन चीजों के दाम हुए कम
जुलाई की शुरुआत आम लोगों के लिए कुछ राहत लेकर आई है। कई जरूरी वस्तुओं की कीमतों में कमी की गई है।
- 19 किलो वाला कमर्शियल LPG सिलेंडर सस्ता हुआ।
- 5 किलो वाला छोटू गैस सिलेंडर 13 रुपये सस्ता हुआ।
- पेट्रोल 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल 3 रुपये प्रति लीटर सस्ता हुआ।
- एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती हुई।
- सोने की बेस इंपोर्ट प्राइस 51 डॉलर प्रति 10 ग्राम कम की गई।
- चांदी की बेस इंपोर्ट प्राइस 22 डॉलर प्रति किलोग्राम घटाई गई।
इन सेवाओं के लिए अब देना होगा ज्यादा पैसा
राहत के साथ कई सेवाओं पर अतिरिक्त खर्च भी बढ़ गया है।
- भारतीय रेलवे ने यात्री किराए में बढ़ोतरी की है।
- नॉन-एसी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों का किराया 1 पैसा प्रति किलोमीटर बढ़ा।
- एसी श्रेणी का किराया 2 पैसे प्रति किलोमीटर बढ़ाया गया।
- ICICI Bank ने निर्धारित सीमा से अधिक ATM ट्रांजैक्शन पर शुल्क बढ़ाया।
- IMPS और कुछ अन्य बैंकिंग सेवाओं के चार्ज संशोधित किए गए।
- HDFC Bank के कुछ क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त शुल्क लागू हुआ।
- कई क्रेडिट कार्ड्स के रिवॉर्ड प्वाइंट्स और लाभों में बदलाव किया गया।
- SBI Card के कुछ को-ब्रांडेड कार्ड्स पर मिलने वाला कॉम्प्लिमेंट्री एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस बंद कर दिया गया।
- नया पासपोर्ट बनवाने और पुराने पासपोर्ट के नवीनीकरण या अपडेट की फीस भी बढ़ गई है।
आम लोगों पर क्या होगा असर?
इन बदलावों का सीधा असर आम नागरिकों के मासिक बजट पर पड़ेगा। ईंधन और एलपीजी की कीमतों में राहत से कुछ खर्च कम होंगे, लेकिन रेलवे यात्रा, बैंकिंग सेवाओं और पासपोर्ट जैसी जरूरी सेवाओं पर बढ़ा हुआ खर्च लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उपभोक्ताओं को नए नियमों और संशोधित शुल्कों की जानकारी रखना जरूरी है, ताकि वे अपने खर्चों की बेहतर योजना बना सकें।