Students Movement: नीट परीक्षा और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने बुधवार को राजस्थान के कोटा से नए छात्र आंदोलन ‘छात्रों की गूंज’ की शुरुआत की। यह अभियान आने वाले दिनों में प्रयागराज, पटना और दिल्ली तक ले जाने की योजना है। नीट परीक्षा से कुछ दिन पहले हुए इस दौरे को कांग्रेस युवाओं और छात्रों के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की रणनीति के तौर पर देख रही है।
छात्रों और युवाओं को साधने की कोशिश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी पिछले कुछ समय से युवाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया और प्रत्यक्ष संवाद के जरिए वे छात्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठा रहे हैं।
कांग्रेस का उद्देश्य उन युवाओं तक पहुंच बनाना है जो पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों को लेकर असंतोष व्यक्त कर रहे हैं। पार्टी इसे युवाओं के साथ सीधे जुड़ने का अवसर मान रही है।
नीट परीक्षा से पहले कोटा पहुंचने की रणनीति
राहुल गांधी के दौरे के समय को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने परीक्षा से ठीक पहले इस तरह के कार्यक्रम पर सवाल उठाए हैं, जबकि कांग्रेस का कहना है कि परीक्षा और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यह सही समय है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, कांग्रेस इस मुद्दे को राष्ट्रीय विमर्श में बनाए रखना चाहती है ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और छात्रों की चिंताओं पर दबाव बना रहे।
राजस्थान कांग्रेस की राजनीति भी चर्चा में
राहुल गांधी का यह दौरा राजस्थान कांग्रेस की आंतरिक राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot और कांग्रेस नेता Sachin Pilot की मौजूदगी ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दी।
कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात और तस्वीरें सामने आने के बाद संगठनात्मक बदलावों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व विभिन्न राज्यों में संगठन को मजबूत करने की दिशा में रणनीति तैयार कर रहा है।
