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Commonwealth Games 2026: नीरज चोपड़ा फिर बने भारत की शान, कॉमनवेल्थ गेम्स भारत की झोली में आया दूसरा मेडल

Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के स्टार जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। आठ साल बाद कॉमनवेल्थ गेम्स में वापसी कर रहे नीरज ने पूरे मुकाबले में दमदार खेल दिखाया, लेकिन इस बार गोल्ड मेडल श्रीलंका के रूमेश थरंगा पथिरगे के नाम रहा। वहीं भारत के उभरते खिलाड़ी यशवीर सिंह ने आखिरी प्रयास में शानदार थ्रो फेंककर ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया।

नीरज चोपड़ा का शानदार प्रदर्शन

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नीरज चोपड़ा ने प्रतियोगिता में अपने दूसरे प्रयास में 85.83 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इसके बाद उन्होंने चार और कोशिशें कीं, लेकिन इस दूरी को पार नहीं कर सके। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्होंने सिल्वर मेडल जीता।

यह नीरज का दूसरा कॉमनवेल्थ गेम्स मेडल है। इससे पहले उन्होंने 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा था। इस बार भी उन्होंने देश को पदक दिलाया और अपनी निरंतरता साबित की।

श्रीलंका के रूमेश थरंगा ने जीता गोल्ड

श्रीलंका के रूमेश थरंगा पथिरगे ने मुकाबले में केवल एक सफल थ्रो किया, लेकिन वही उनके लिए गोल्ड जीतने के लिए काफी साबित हुआ। उन्होंने दूसरे प्रयास में 89.75 मीटर का शानदार थ्रो किया और पहला स्थान हासिल कर लिया।

यशवीर सिंह ने आखिरी थ्रो में पलट दी बाजी

भारत के युवा एथलीट यशवीर सिंह ने मुकाबले का सबसे रोमांचक पल अपने अंतिम प्रयास में बनाया। उन्होंने आखिरी थ्रो में 85.41 मीटर की दूरी तय की, जो उनके करियर का पर्सनल बेस्ट भी है।

इस थ्रो के साथ यशवीर सीधे सातवें स्थान से तीसरे नंबर पर पहुंच गए और ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफल रहे। उनका यह प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स के लिए बेहद उत्साहजनक माना जा रहा है।

अरशद नदीम का निराशाजनक प्रदर्शन

पाकिस्तान के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन और कॉमनवेल्थ गेम्स के डिफेंडिंग चैंपियन अरशद नदीम इस बार उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। उनका पहला प्रयास फाउल रहा, दूसरा थ्रो 77.41 मीटर और तीसरा 75.39 मीटर का रहा।

तीन राउंड के बाद वह टॉप-8 में जगह नहीं बना पाए, जिसके कारण उन्हें बाकी तीन प्रयासों का मौका भी नहीं मिला। उनका जल्दी बाहर होना इस प्रतियोगिता का सबसे बड़ा उलटफेर माना जा रहा है।

भारत के लिए खुशियों भरा दिन

भारत ने जेवलिन थ्रो में एक साथ दो पदक जीतकर अपनी ताकत एक बार फिर दुनिया के सामने साबित कर दी। नीरज चोपड़ा का अनुभव और यशवीर सिंह का उभरता हुआ प्रदर्शन भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत हैं। आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में दोनों खिलाड़ियों से भारतीय खेल प्रेमियों को बड़ी उम्मीदें रहेंगी।

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