Jamun Production India: जामुन ऐसा फल है जिसे भारत समेत एशिया के कई देशों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। इसे जाम्बुल, जाम्बोलन, नवल, नेराले और राजमन जैसे 100 से अधिक नामों से पुकारा जाता है। भारत जामुन के उत्पादन और निर्यात में दुनिया में सबसे आगे है। भारतीय जामुन की मांग संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर जैसे देशों में लगातार बढ़ रही है।
महाराष्ट्र है जामुन का गढ़
देश में सबसे अधिक जामुन का उत्पादन महाराष्ट्र में होता है। खासतौर पर पालघर जिले के बहाडोली गांव की बहाडोली जामुन को जीआई टैग मिला हुआ है। यह किस्म अपने मीठे स्वाद, बड़े आकार और बेहतरीन गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है। कोंकण क्षेत्र की गर्म और नम जलवायु, उपजाऊ दोमट मिट्टी तथा बेहतर जल निकासी इसे जामुन की खेती के लिए आदर्श बनाती है।
महाराष्ट्र के बाद उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात और असम भी जामुन उत्पादन के प्रमुख राज्य हैं।
100 साल तक फल देता है जामुन का पेड़
जामुन का पेड़ औसतन 100 वर्ष तक जीवित रह सकता है और इसकी ऊंचाई 30 मीटर तक पहुंचती है। मानसून के मौसम में यह फल बाजार में आता है। इसकी लंबी उम्र और कम रखरखाव की जरूरत किसानों के लिए इसे लाभदायक फसल बनाती है।
क्यों कहा जाता है सुपरफूड?
जामुन को सुपरफूड माना जाता है क्योंकि इसमें विटामिन A, B, B1, B6, C और E के साथ कई शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। इसमें संतरे की तुलना में अधिक विटामिन-C होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, त्वचा को स्वस्थ रखने और घाव भरने में मदद करता है।
अब सिर्फ फल नहीं, कई रूपों में लोकप्रिय
आज जामुन केवल ताजे फल के रूप में ही नहीं, बल्कि जूस, स्मूदी, जैम, ड्राइड फ्रूट और फ्रोजन उत्पादों के रूप में भी खूब पसंद किया जा रहा है। यही वजह है कि घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।
