Latest news: अगर आप अपना पैसा सुरक्षित जगह निवेश करना चाहते हैं तो Fixed Deposit यानी FD आज भी लोगों के बीच एक लोकप्रिय विकल्प है। लेकिन क्या आपको पता है कि FD भी अलग-अलग प्रकार की होती है? खासकर Cumulative FD और Non-Cumulative FD में ब्याज मिलने का तरीका अलग होता है। इसलिए FD कराने से पहले यह समझना जरूरी है कि आपको नियमित आमदनी चाहिए या कुछ साल बाद एक बड़ी रकम।
Cumulative FD क्या होती है?
Cumulative FD में बैंक आपको हर महीने या तिमाही ब्याज का भुगतान नहीं करता। इस के बजाय ब्याज FD में जुड़ता रहता है और अवधि पूरी होने पर मूल रकम के साथ ब्याज एकमुश्त मिलता है।
मान लीजिए आपने 5 लाख रुपये की FD 5 साल के लिए 7 फीसदी सालाना ब्याज दर पर कराई। इस दौरान ब्याज तय अंतराल पर जमा होता रहेगा और मैच्योरिटी पर आपको मूलधन के साथ जमा ब्याज मिलेगा।
इस तरह यह विकल्प उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है जिन्हें अभी नियमित आय की जरूरत नहीं है और भविष्य के लिए बड़ी रकम तैयार करनी है।
किन लोगों के लिए Cumulative FD उपयोगी हो सकती है?
अगर आपका लक्ष्य कुछ साल बाद पैसा जुटाना है, तो Cumulative FD पर विचार किया जा सकता है। जैसे बच्चे की पढ़ाई, घर खरीदने, रिटायरमेंट या किसी बड़े भविष्य के खर्च के लिए रकम तैयार करना।
इसमें ब्याज बीच में निकालने के बजाय जमा रहता है, जिससे चक्रवृद्धि का लाभ मिल सकता है। हालांकि वास्तविक रिटर्न बैंक की ब्याज दर और उसकी ब्याज गणना पद्धति पर निर्भर करता है।
Non-Cumulative FD क्या होती है?
Non-Cumulative FD में ब्याज को अंत तक जमा रखने के बजाय आपको नियमित अंतराल पर भुगतान किया जाता है। बैंक की शर्तों के अनुसार यह भुगतान मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना हो सकता है।
उदाहरण के लिए, अगर आपने 5 लाख रुपये की FD 7 फीसदी सालाना दर पर कराई है, तो सरल गणना के हिसाब से साल का ब्याज करीब 35,000 रुपये होगा। अगर भुगतान तिमाही आधार पर हो, तो यह करीब 8,750 रुपये प्रति तिमाही हो सकता है।
यह रकम एक सामान्य उदाहरण है। वास्तविक भुगतान बैंक की ब्याज गणना और FD की शर्तों के अनुसार अलग हो सकता है।
किसमें ज्यादा फायदा?
Cumulative और Non-Cumulative FD में किसी एक को हर व्यक्ति के लिए बेहतर नहीं कहा जा सकता। अगर आपको हर महीने या कुछ समय के अंतराल पर आय चाहिए, तो Non-Cumulative FD आपकी जरूरत के अनुरूप हो सकती है।
वहीं, अगर आपका लक्ष्य लंबी अवधि में एकमुश्त रकम तैयार करना है और बीच में ब्याज की जरूरत नहीं है, तो Cumulative FD पर विचार किया जा सकता है।
