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Footwear Industry: जूते खरीदने वालों के लिए सरकार ने जारी किया नया नियम पुराने स्टॉक की बिक्री की समय-सीमा में हुआ बदलाव

Footwear Industry: फेस्टिव सीजन से पहले केंद्र सरकार ने फुटवियर उद्योग के लिए अहम फैसला लिया है। सरकार ने जूता निर्माता कंपनियों और विक्रेताओं को पुराने स्टॉक की बिक्री के लिए एक साल का अतिरिक्त समय दे दिया है। अब कंपनियां 31 जुलाई 2027 तक अपना मौजूदा स्टॉक बेच सकेंगी। पहले यह समय-सीमा 31 जुलाई 2026 तक तय थी।

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इस फैसले से कंपनियों और रिटेलर्स को स्टॉक जल्दबाजी में खत्म करने का दबाव नहीं रहेगा।

सेल पर क्या पड़ेगा असर?

सरकार के इस निर्णय का मतलब यह नहीं है कि फेस्टिव सीजन में डिस्काउंट या सेल बंद हो जाएगी। हालांकि, पहले पुराने स्टॉक को समय-सीमा से पहले खत्म करने के लिए कई कंपनियां बड़े पैमाने पर छूट देती थीं। अब अतिरिक्त समय मिलने से केवल स्टॉक खाली करने के उद्देश्य से भारी छूट देने की मजबूरी कम हो सकती है। इसके बावजूद त्योहारी सीजन में ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कंपनियां अपनी नियमित सेल जारी रख सकती हैं।

क्यों बढ़ाई गई समय-सीमा?

सरकार का कहना है कि फुटवियर उद्योग काफी हद तक मौसम पर निर्भर करता है। कई बार किसी सीजन के जूते पूरी तरह नहीं बिक पाते और अगले सीजन तक स्टॉक में पड़े रहते हैं। ऐसे में कंपनियों को पुराने स्टॉक की बिक्री के लिए अतिरिक्त समय देना जरूरी माना गया।

BIS मानकों का होगा पालन

सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई समय-सीमा समाप्त होने के बाद बाजार में वही जूते बेचे जा सकेंगे, जो भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होंगे। इसका उद्देश्य बाजार में बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध कराना और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है।

घरेलू उद्योग को भी मिलेगा लाभ

नए नियमों के तहत कंपनियों को हर वर्ष 4,500 जोड़ी फुटवियर सैंपल आयात करने की अनुमति होगी। इन सैंपलों का इस्तेमाल बिक्री के लिए नहीं, बल्कि नए डिजाइन, रिसर्च, टेस्टिंग और डीलरों को उत्पाद दिखाने के लिए किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे घरेलू उद्योग को नई तकनीक और वैश्विक डिजाइन समझने में मदद मिलेगी।

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