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Artificial Intelligence: TCS में कर्मचारियों के बराबर होंगे AI एजेंट! चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने बताया भविष्य का बड़ा प्लान

Artificial Intelligence (AI) को लेकर दुनियाभर में जारी बहस के बीच भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक TCS ने एक बड़ा बयान दिया है। कंपनी का कहना है कि आने वाले तीन वर्षों में उसके यहां AI एजेंट्स की संख्या इंसानी कर्मचारियों के बराबर हो सकती है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब AI के कारण नौकरियों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर लगातार चर्चा हो रही है।

TCS ने AI को बताया भविष्य की ग्रोथ का इंजन

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टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कंपनी की 31वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में कहा कि TCS बड़े पैमाने पर AI तकनीक में निवेश कर रही है। उन्होंने बताया कि कंपनी अपने आंतरिक संचालन, ग्राहक सेवाओं और विभिन्न सॉल्यूशन फ्रेमवर्क में AI एजेंट्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा रही है।

उनके मुताबिक, आने वाले वर्षों में AI एजेंट्स केवल सहायक भूमिका नहीं निभाएंगे, बल्कि कई क्षेत्रों में इंसानों की तरह काम करने में सक्षम होंगे। यही वजह है कि कंपनी AI को भविष्य के विकास का सबसे महत्वपूर्ण आधार मान रही है।

AI कारोबार से बढ़ रही कमाई

चंद्रशेखरन ने बताया कि TCS का AI आधारित कारोबार लगातार मजबूत हो रहा है। पिछले चार तिमाहियों में AI से जुड़ी आय में 22 प्रतिशत से अधिक की कंपाउंड तिमाही वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2026 की पिछली तिमाही तक कंपनी का वार्षिक AI रेवेन्यू करीब 2.5 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है।

यह आंकड़ा दर्शाता है कि दुनियाभर की कंपनियां AI आधारित समाधान अपनाने में तेजी दिखा रही हैं और TCS इस मांग का लाभ उठा रही है।

AI नहीं, अवसर है: TCS

AI से नौकरियों पर खतरे की आशंकाओं को लेकर चंद्रशेखरन ने स्पष्ट कहा कि वह AI को जोखिम नहीं बल्कि एक बड़े अवसर के रूप में देखते हैं। उनके अनुसार, एंटरप्राइज आईटी इंडस्ट्री के लिए AI अब तक का सबसे बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

उन्होंने कहा कि AI के कारण कंपनियों के काम करने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा और अनेक व्यावसायिक प्रक्रियाएं अधिक स्मार्ट, तेज और कुशल बनेंगी।

AI युग के पांच बड़े अवसर

चंद्रशेखरन ने AI के दौर में उभरने वाले पांच प्रमुख अवसरों का भी जिक्र किया।

पहला, पुराने टेक्नोलॉजी सिस्टम और बिखरे हुए डेटा को आधुनिक AI इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलना।

दूसरा, सप्लाई चेन, ग्राहक अनुभव और अन्य बिजनेस प्रक्रियाओं को AI के जरिए नए सिरे से डिजाइन करना।

तीसरा, AI एजेंट्स की निगरानी, सुरक्षा, नियमों के पालन और लागत नियंत्रण का प्रबंधन।

चौथा, “सॉवरेन AI” का विकास, जिसमें देश और संस्थान अपने डेटा और AI सिस्टम पर अधिक नियंत्रण रखना चाहते हैं।

पांचवां, “फिजिकल AI” का विस्तार, जहां AI का उपयोग फैक्ट्रियों, वेयरहाउस, रोबोटिक्स और वाहनों जैसे वास्तविक कार्यों में किया जाएगा।

बदल रही है AI को लेकर सोच

एक समय AI को नौकरियों के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा था, लेकिन अब कई प्रमुख टेक कंपनियां इसे उत्पादकता और नवाचार का अवसर बता रही हैं। TCS का ताजा बयान भी इसी बदलती सोच का संकेत है, जहां AI और इंसान मिलकर भविष्य के कार्यस्थलों को नई दिशा दे सकते हैं।

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