Delhi News: SIR और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दिल्ली स्थित आवास पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘जन महाभियोग’ की मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में इंडी गठबंधन के करीब 19 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
इस दौरान विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए। कार्यक्रम में राजनीतिक दलों के अलावा सिविल सोसाइटी के सदस्यों और उन नागरिकों को भी अपनी बात रखने का मौका दिया गया, जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का दावा किया गया था।
मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगाए गए ये छह आरोप
विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ छह प्रमुख आरोप लगाए हैं। इनमें चुनाव आयोग की निष्पक्षता और स्वतंत्रता पर सवाल उठाने से लेकर मतदाता सूची में कथित बदलाव तक के मुद्दे शामिल हैं।
विपक्ष की ओर से लगाए गए प्रमुख आरोप इस प्रकार हैं:
चुनाव आयोग की निष्पक्षता और स्वतंत्रता प्रभावित होने का आरोप।
SIR प्रक्रिया के दौरान 13.2 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने का दावा।
संसद की निगरानी या जानकारी के बिना फॉर्म-6 में बदलाव करने का आरोप।
हालांकि, ये विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि और जांच के आधार पर ही इनकी सत्यता तय हो सकती है।
खरगे ने की मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग
कार्यक्रम के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग चलाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त SIR प्रक्रिया के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं और मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित किया जा रहा है।
खरगे ने 2023 के कानून को भी रद्द करने की मांग की। उनका कहना था कि मुख्य चुनाव आयुक्त को मिले कानूनी संरक्षण को समाप्त किया जाना चाहिए, ताकि उनके खिलाफ आरोपों की जवाबदेही तय हो सके।
बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को बताया झूठा प्रचार
विपक्ष के आरोपों पर बीजेपी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने फॉर्म-6 में बदलाव किए जाने के दावे को खारिज किया। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष खरगे पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें गलत जानकारी दी जा रही है।
वहीं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर झूठे प्रचार के जरिए लोगों को भ्रमित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी मतदाता सूची को शुद्ध और सही बनाना है।
1 नवंबर की रैली से विपक्ष दिखाएगा अपनी ताकत?
अब सभी की नजरें आज दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली विपक्ष की रैली पर हैं। कांग्रेस इस रैली के जरिए SIR, वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है।
हालांकि, इस रैली के सामने कई चुनौतियां भी हैं। विपक्ष को अपनी एकजुटता दिखाने के साथ जनता के बीच अपने आरोपों के समर्थन में ठोस तथ्य रखने होंगे।
इसके अलावा रैली के कारण दिल्ली के व्यापारियों को संभावित आर्थिक नुकसान का मुद्दा भी चर्चा में है। कारोबारियों को होने वाले नुकसान के दावों के बीच सवाल उठ रहा है कि यदि व्यापार प्रभावित होता है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
