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UPI से पेट्रोल भराना होगा महंगा? 15 अक्टूबर से बदलेंगे नियम, जानें ग्राहक की जेब पर कितना असर

UPI Petrol Payment MDR Rule:UPI से पेमेंट करने वाले लोगों के लिए पेट्रोल पंप से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ चुनिंदा Person-to-Merchant यानी P2M UPI ट्रांजैक्शन पर Merchant Discount Rate यानी MDR लागू होने की बात कही जा रही है। इस खबर के बाद पेट्रोल पंपों पर कैश पेमेंट को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।

पेट्रोल पंपों पर क्यों बढ़ी हलचल?

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राजस्थान के अलवर में कुछ पेट्रोल पंप और CNG स्टेशन बड़े भुगतान के लिए कैश इस्तेमाल करने की सलाह वाले पोस्टर लगा रहे हैं। इससे ग्राहकों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि क्या अब UPI से पेट्रोल या डीजल भरवाना महंगा हो जाएगा।

हालांकि, यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है। MDR सीधे ग्राहक से अलग से वसूला जाने वाला UPI चार्ज नहीं है। यह मर्चेंट यानी कारोबारी से जुड़ा शुल्क है। इसलिए ग्राहक को सिर्फ UPI से भुगतान करने पर अलग से कोई फीस देने का प्रावधान नहीं बताया गया है।

2,000 रुपये से ज्यादा के भुगतान पर क्या नियम है?

बताई गई नई व्यवस्था के अनुसार, सामान्य चुनिंदा P2M UPI ट्रांजैक्शन में 2,000 रुपये से ज्यादा के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू हो सकता है। वहीं पेट्रोल पंपों को अलग श्रेणी में रखते हुए 2,000 रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन पर 5 रुपये का फ्लैट MDR तय किए जाने की बात कही गई है।

उदाहरण के तौर पर अगर पेट्रोल पंप पर 10,000 रुपये का UPI भुगतान किया जाता है, तो 0.4 प्रतिशत के हिसाब से 40 रुपये की जगह पेट्रोल पंप के लिए 5 रुपये का MDR निर्धारित होगा।

क्या ग्राहक को देने होंगे अतिरिक्त पैसे?

नहीं, MDR को सीधे ग्राहक से वसूलने का मतलब नहीं है। यानी अगर आपने 10,000 रुपये का पेट्रोल या डीजल खरीदा है, तो सिर्फ UPI से भुगतान करने की वजह से आपको अलग से 5 रुपये देने का नियम नहीं बताया गया है।

इसी वजह से 2,000 रुपये से ज्यादा के भुगतान को दो या तीन हिस्सों में बांटकर भेजने की जरूरत भी नहीं होनी चाहिए। हालांकि, बैंक या UPI ऐप की अपनी अलग शर्तें हो सकती हैं।

पेट्रोल पंप संचालकों को क्यों है चिंता?

पेट्रोल पंप संचालकों और दूसरे कारोबारियों की चिंता मुख्य रूप से डिजिटल भुगतान की लागत को लेकर है। यदि किसी कारोबारी को डिजिटल ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती है, तो वह कैश पेमेंट को प्राथमिकता दे सकता है।

इसी आशंका के चलते कुछ जगहों पर ग्राहकों को बड़े भुगतान के लिए कैश इस्तेमाल करने की जानकारी दी जा रही है। फिलहाल ग्राहकों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि MDR और UPI ग्राहक शुल्क को एक ही चीज न समझें।

15 अक्टूबर से पहले क्या रखें ध्यान?

UPI से पेट्रोल भरवाने वालों को घबराने की जरूरत नहीं है। 2,000 रुपये तक के भुगतान पर इस खबर में बताए गए MDR की बात लागू नहीं होती। बड़े भुगतान के मामले में भी MDR मर्चेंट स्तर का शुल्क है। नियम लागू होने से पहले आधिकारिक बैंक, NPCI या संबंधित नियामकीय जानकारी को देखना बेहतर रहेगा।

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