Viral News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद चर्चा में आई नोएडा की 15 वर्षीय किशोरी का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के बावजूद विवाद पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। अब किशोरी की मां ने भावुक अपील करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बेटी की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उसका भविष्य सुरक्षित करने की मांग की है।
परिवार ने सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
मीडिया से बातचीत में किशोरी की मां ने दावा किया कि घटना के बाद उनका परिवार सामान्य जीवन नहीं जी पा रहा है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर उनकी बेटी को लगातार कथित तौर पर रेप और हिंसा की धमकियां मिल रही हैं, जिससे पूरा परिवार डर के माहौल में जी रहा है।उन्होंने सरकार से सुरक्षित स्थान और पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी की। साथ ही कहा कि परिवार पुराने घर और समाज में लौटने से भी डर रहा है।
FIR वापस लेने की भी रखी मांग
किशोरी की मां ने कहा कि बेटी के खिलाफ दर्ज FIR अब तक वापस नहीं ली गई है। उनका मानना है कि यदि मामला समाप्त हो जाए तो उनकी बेटी सामान्य जिंदगी की ओर लौट सकेगी। उन्होंने सरकार से इस मामले में संवेदनशीलता दिखाने की अपील की।
‘PM मोदी मेरी बेटी को गोद ले लें’
बातचीत के दौरान किशोरी की मां ने भावुक होकर कहा कि उनकी बेटी के पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बेटी को गोद लेने की अपील करते हुए कहा कि इससे उसका भविष्य सुरक्षित हो सकेगा। साथ ही उन्होंने बच्चों को पैतृक संपत्ति में वैधानिक अधिकार दिलाने की भी मांग उठाई।
सोशल मीडिया पर कथित धमकियों पर उठाए सवाल
मां ने कहा कि उनकी बेटी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांग ली है, लेकिन इसके बावजूद सोशल media पर कुछ लोग नाबालिग के खिलाफ कथित तौर पर बेहद आपत्तिजनक और हिंसक टिप्पणियां कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे की गलती का जवाब इस तरह की धमकियों से नहीं दिया जाना चाहिए।
किशोरी ने दोबारा मांगी माफी
15 वर्षीय किशोरी ने अपने दूसरे सार्वजनिक माफीनामे में कहा कि उससे बड़ी गलती हुई थी और उसे अपने शब्दों पर गहरा पछावा है। उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देशवासियों से माफी मांगते हुए भरोसा दिलाया कि भविष्य में वह ऐसी गलती दोबारा नहीं करेगी।
PM मोदी ने क्या कहा था?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हालिया संदेश में कहा था कि भटके हुए बच्चों को दंडित करने के बजाय सही रास्ता दिखाना ज्यादा जरूरी है। उन्होंने समाज से अपील की कि नाबालिगों को कानूनी या सामाजिक प्रताड़ना का शिकार बनाने के बजाय उन्हें सुधारने का अवसर दिया जाए।
