Ram Mandir Donation Case: अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित वित्तीय गड़बड़ी मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) अब अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार करने में जुटा है। सूत्रों के अनुसार, जांच का छठा दिन पूरा होने के बाद एसआईटी की टीम शनिवार को लखनऊ लौट सकती है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंप सकती है।
ट्रस्ट पदाधिकारियों और कर्मचारियों से हुई पूछताछ
जांच के दौरान एसआईटी ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कई पदाधिकारियों से पूछताछ की है। इसके अलावा दान राशि की गिनती में शामिल कर्मचारियों और संबंधित बैंक अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक जांच टीम मंदिर में प्राप्त होने वाले चढ़ावे की पूरी प्रक्रिया, वित्तीय दस्तावेजों और बैंक लेन-देन के रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है। एसआईटी हर पहलू को ध्यान में रखते हुए तथ्यों को जुटाने में लगी हुई है ताकि मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।
दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा: योगी आदित्यनाथ
इस मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। अयोध्या दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि एसआईटी की जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जा रही है और दोषी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा। उन्होंने लोगों और राजनीतिक दलों से अपील की कि जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की बेबुनियाद टिप्पणी करने से बचें।
उन्होंने यह भी कहा कि राम भक्तों ने मंदिर निर्माण के लिए 500 वर्षों तक इंतजार किया है, इसलिए जांच पूरी होने के लिए कुछ और दिनों का धैर्य रखना चाहिए।
तीन सदस्यीय एसआईटी कर रही है जांच
मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर 14 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया था। इस जांच समिति में लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं।
समिति को मामले की जल्द से जल्द जांच पूरी कर प्रारंभिक और अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
अयोध्या को बदनाम करने की कोशिश का आरोप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना सबूत आरोप लगाने वालों पर अयोध्या और राम जन्मभूमि मंदिर की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग गलत सूचनाओं के जरिए अयोध्या की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों और भ्रामक जानकारियों से दूर रहें तथा जांच एजेंसी को स्वतंत्र रूप से अपना काम करने दें। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि यदि किसी के पास मामले से संबंधित कोई ठोस दस्तावेज या प्रमाण हैं,
