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Uttar Pradesh: वृंदावन बोट हादसे से भी नहीं लिया सबक, चंबल नदी में दिखा क्षमता से अधिक सवारियों के साथ चल रहा स्टीमर

Uttar Pradesh: वृंदावन में हुए मोटरबोट हादसे के बाद भी प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया है। उत्तर प्रदेश की चंबल नदी में क्षमता से अधिक यात्रियों को स्टीमर में बैठाकर नदी पार कराई जा रही है। सबसे गंभीर बात यह है कि यात्रियों को बिना लाइफ जैकेट के सफर कराया जा रहा है, जबकि बारिश के चलते नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है।

पहले भी कई बार टल चुका है बड़ा हादसा

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चंबल नदी अपनी गहराई के लिए जानी जाती है। वर्ष 2023 में क्षमता से अधिक सवारियों के कारण एक स्टीमर की स्टेयरिंग बीच नदी में फेल हो गई थी। इसके बाद एक अन्य स्टीमर पक्के पुल के पिलर से टकरा गया था, जिसमें सैकड़ों यात्रियों को दूसरे नावों की मदद से सुरक्षित निकाला गया था। इन घटनाओं के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी ने एक बार में अधिकतम 80 यात्रियों को बैठाने और सभी के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य करने का आदेश दिया था।

फिर शुरू हुई लापरवाही

बरसात शुरू होने के बाद पैंटून पुल हटाकर फिर से स्टीमर संचालन शुरू कर दिया गया है। हालांकि इस बार सुरक्षा नियमों का पालन होता नहीं दिख रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई बार 100 से अधिक यात्रियों को एक साथ बैठाया जा रहा है। मंगलवार को दिनभर चले स्टीमर संचालन के दौरान किसी भी यात्री ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी और स्टीमर पर भी सुरक्षा उपकरण नजर नहीं आए।

लोक निर्माण विभाग पर उठे सवाल

स्टीमर संचालन की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (PWD) के पास है। ऐसे में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नियमों का पालन नहीं कराया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने और क्षमता से अधिक यात्रियों के सफर पर रोक लगाने की मांग की है।

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