Uttar Pradesh के Gonda जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां अपनी सास के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए एक युवक को मगरमच्छ नदी में खींच ले गया। घटना इतनी अचानक हुई कि वहां मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। देखते ही देखते मगरमच्छ युवक को लेकर गहरे पानी में चला गया। यह हादसा बुधवार दोपहर करीब 12 बजे सरयू नदी किनारे हुआ। घटना के बाद पूरे इलाके में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
कैंसर से हुई थी सास की मौत
गोंडा के डीहा गांव में रहने वाले बाबूलाल खेती-किसानी करके परिवार चलाते हैं। उनके बेटे लालचंद्र की पहले ही मौत हो चुकी थी। परिवार में उनकी बहू उर्मिला रहती थीं, जिनका मंगलवार को कैंसर की बीमारी से निधन हो गया। उर्मिला की बेटी की शादी करीब पांच साल पहले ग्रेटर नोएडा निवासी दीपक से हुई थी। दीपक अपनी पत्नी और चार साल की बेटी निक्की के साथ सास के अंतिम संस्कार में शामिल होने गोंडा आए थे। परिवार पहले से ही दुख में डूबा हुआ था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही घंटों बाद इतना बड़ा हादसा हो जाएगा।
चिता की तैयारी कर रहा था दीपक
बुधवार को सरयू नदी किनारे अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। दीपक चिता सजाने के लिए जमीन में खूंटा गाड़ रहा था। काम पूरा करने के बाद वह नदी किनारे हाथ धोने पहुंचा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दीपक जैसे ही पानी के पास गया, तभी अचानक नदी से एक मगरमच्छ बाहर आया। मगरमच्छ ने सीधे दीपक के सिर को अपने जबड़े में दबोच लिया और उसे तेजी से पानी के अंदर खींच ले गया।
घटना देखकर वहां मौजूद लोग चीखने लगे। लोगों ने शोर मचाया और युवक को बचाने की कोशिश भी की, लेकिन मगरमच्छ बहुत तेजी से नदी के अंदर चला गया।
मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन
घटना की जानकारी मिलते ही उमरी बेगमगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश शुरू की गई, लेकिन देर शाम तक उसका कोई पता नहीं चल सका। स्थिति को गंभीर देखते हुए लखनऊ से SDRF की टीम भी बुलाई गई है। टीम नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
एक तरफ परिवार उर्मिला की मौत के दुख से उबर भी नहीं पाया था, वहीं दूसरी तरफ दीपक के साथ हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। गांव के लोग भी इस घटना से सदमे में हैं। प्रशासन की ओर से बताया गया है कि युवक का शव मिलने और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
