Lucknow में एलपीजी संकट की आशंका को देखते हुए सरकार ने PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम शुरू कर दिया है। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण गैस आपूर्ति पर असर पड़ने की संभावना के बीच पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय ने PNG नेटवर्क वाले इलाकों में एलपीजी पर निर्भरता कम करने के निर्देश दिए हैं।
इसी कड़ी में राजधानी में दिसंबर 2026 तक प्रमुख 98 अपार्टमेंट को पूरी तरह एलपीजी फ्री बनाने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि फिलहाल यह लक्ष्य चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि 31 मई तक 20 हजार नए PNG कनेक्शन देने के लक्ष्य का आधा भी पूरा नहीं हो सका है।
ग्रीन गैस ने बढ़ाई तैयारी
लखनऊ समेत पांच शहरों में सीएनजी और PNG की आपूर्ति करने वाली Green Gas Limited ने लक्ष्य हासिल करने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। कंपनी का दावा है कि अब तक पांच अपार्टमेंट पूरी तरह एलपीजी फ्री किए जा चुके हैं।
कंपनी ने वेंडर और स्टाफ की संख्या भी बढ़ाई है ताकि अधिक से अधिक घरों तक PNG कनेक्शन पहुंचाया जा सके। ग्रीन गैस का कहना है कि प्राथमिकता बड़े अपार्टमेंट और बहुमंजिला आवासीय परिसरों को शत-प्रतिशत PNG कनेक्शन देने की है।
इंडियन ऑयल और ग्रीन गैस की समीक्षा बैठक
सोमवार को Indian Oil Corporation और ग्रीन गैस के अधिकारियों के बीच बैठक हुई, जिसमें PNG विस्तार की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों के मुताबिक, सरकार के निर्देश जारी होने के बाद PNG कनेक्शन के लिए आवेदन तेजी से बढ़े हैं।
वर्तमान में लखनऊ में करीब 3000 किलोमीटर लंबा PNG नेटवर्क मौजूद है और लगभग 90 हजार घरों में कनेक्शन दिए जा चुके हैं। अनुमान है कि नेटवर्क वाले क्षेत्रों में करीब एक लाख घरों तक PNG सेवा पहुंचाई जा सकती है।
इन इलाकों में उपलब्ध है PNG नेटवर्क
शहर के कई बड़े रिहायशी क्षेत्रों में PNG नेटवर्क पहले से मौजूद है। इनमें गोमतीनगर, जानकीपुरम, इंदिरा नगर, रायबरेली रोड, अलीगंज, महानगर, आशियाना, वृंदावन योजना, साउथ सिटी, विकासनगर, कुर्सी रोड, अयोध्या रोड, राजाजीपुरम और कानपुर रोड जैसे इलाके शामिल हैं।
सरकार का मानना है कि PNG के विस्तार से एलपीजी पर निर्भरता कम होगी और भविष्य में आपूर्ति संकट से बेहतर तरीके से निपटा जा सकेगा।
