Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित चोरी के मामले में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा को बड़ी राहत मिली है। आपके दिए विवरण के मुताबिक, एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट में दोनों के नाम शामिल नहीं हैं। शासन को सौंपी गई रिपोर्ट अब आगे की कार्रवाई के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को दी गई है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित दूसरी एसआईटी की जांच अभी जारी है।
अंतिम रिपोर्ट में आठ आरोपियों के नाम
एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट में कथित तौर पर केवल आठ लोगों के नाम शामिल हैं, जिन्हें इस मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा पर भी आरोप लगाए गए थे। इसके बाद दोनों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।
प्रारंभिक जांच में चोरी की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
CCTV में दर्ज हुई थीं कई घटनाएं
प्रारंभिक एसआईटी रिपोर्ट के अनुसार, 27 अप्रैल से 5 जून 2026 के बीच सीसीटीवी फुटेज में करीब 70 बार नकदी छिपाकर ले जाने की गतिविधियां दर्ज हुई थीं। रिपोर्ट में ट्रस्ट और एसबीआई की संयुक्त मानक कार्यप्रणाली का पालन नहीं होने तथा प्रवेश-निकास पर पर्याप्त तलाशी नहीं लिए जाने की बात भी सामने आई थी।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि पुलिस को सूचना दिए बिना करीब 80 लाख रुपये की बरामदगी कराई गई थी। इसके बाद मामले में कार्रवाई तेज हुई और आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में दूसरी जांच
वहीं, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित दूसरी एसआईटी को जांच तेजी से पूरी कर सही निष्कर्ष तक पहुंचने का निर्देश दिया गया है। कोर्ट ने जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश करने को कहा है। रिपोर्ट के आधार पर मंदिर में भक्तों के चढ़ावे के प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
फिलहाल एसआईटी की स्थिति रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जाएगी। कोर्ट ने जनहित से जुड़े सुझावों को एसआईटी तक पहुंचाने की अनुमति भी दी है।
