Uttar Pradesh में पिछले साल 4 नवंबर से शुरू हुआ स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान अब सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी Navdeep Rinwa ने आधिकारिक रूप से राज्य की फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी है। इस अभियान के बाद प्रदेश में मतदाताओं की संख्या में बड़ा इजाफा देखने को मिला है।
84 लाख नए मतदाता जुड़े
आंकड़ों के अनुसार, 6 जनवरी को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में जहां कुल मतदाताओं की संख्या 12 करोड़ 55 लाख 55 हजार थी, वहीं अब फाइनल सूची में यह बढ़कर 13 करोड़ 39 लाख 84 हजार 792 हो गई है। यानी इस व्यापक अभियान के दौरान प्रदेश में करीब 84 लाख नए मतदाता जुड़े हैं।
यह बढ़ोतरी आने वाले चुनावों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
यूपी की फाइनल वोटर लिस्ट का पूरा गणित
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश की नई मतदाता सूची इस प्रकार है—
- कुल मतदाता: 13,39,84,792
- पुरुष मतदाता: 7,30,71,061 (54.54%)
- महिला मतदाता: 6,09,09,525 (45.46%)
- थर्ड जेंडर मतदाता: 4,206
- 18–19 वर्ष के नए मतदाता: 17,63,360 (1.32%)
- जेंडर रेशियो: 834
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि युवा मतदाताओं की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा बढ़े मतदाता
SIR अभियान के दौरान कई जिलों में रिकॉर्ड संख्या में नए मतदाता जुड़े। इनमें सबसे ज्यादा वृद्धि Prayagraj में दर्ज की गई—
- प्रयागराज: 3,26,421
- Lucknow: 2,85,961
- Bareilly: 2,57,921
- Ghaziabad: 2,43,066
- Jaunpur: 2,37,590
इन जिलों में नए मतदाताओं की बढ़ती संख्या राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इन विधानसभा क्षेत्रों में हुआ सबसे ज्यादा इजाफा
विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार कुछ क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में विशेष वृद्धि दर्ज की गई—
- Sahibabad Assembly constituency: 82,989
- Jaunpur Assembly constituency: 56,118
- Lucknow West Assembly constituency: 54,822
- Loni Assembly constituency: 53,679
- Firozabad Assembly constituency: 47,757
इन क्षेत्रों में मतदाता संख्या में बढ़ोतरी स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।
166 दिनों तक चला SIR अभियान
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार, 27 अक्टूबर को SIR अभियान की घोषणा की गई थी और 4 नवंबर से जमीनी स्तर पर इसका कार्य शुरू हुआ। 26 दिसंबर तक गणना का चरण पूरा कर लिया गया, जिसके बाद 6 जनवरी से दो महीने तक दावे और आपत्तियां दर्ज की गईं।
इस दौरान करीब 3 करोड़ 26 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए। लगभग 166 दिनों तक चले इस व्यापक अभियान में राजनीतिक दलों और मतदान कर्मियों का पूरा सहयोग मिला, जिसके बाद अब प्रदेश की अद्यतन और अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है।
