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UP में हर जिले में खुलेंगे 3 वाहन फिटनेस जांच केंद्र, योगी सरकार का बड़ा फैसला; स्कूली बच्चों की सुरक्षा होगी और मजबूत

UP Government: उत्तर प्रदेश सरकार ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में तीन-तीन वाहन फिटनेस जांच केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर विशेष रूप से स्कूल बसों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के वाहनों की तकनीकी जांच की जाएगी, ताकि बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।

विधान परिषद में परिवहन मंत्री ने किया ऐलान

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बुधवार, 5 अगस्त 2026 को विधान परिषद में परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह ने इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच में किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जा सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्कूल वाहनों की नियमित फिटनेस जांच को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर चुका है और राज्य सरकार उन्हीं मानकों का पालन कर रही है।

सपा ने उठाया था आयु सीमा का मुद्दा

मानसून सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी के विधायक आशुतोष सिन्हा ने स्कूल बसों की अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने की मांग उठाई। उनका कहना था कि विद्यालयी बसें सामान्य यात्री बसों की तुलना में कम समय और सीमित दिनों तक चलती हैं, इसलिए उनकी आयु सीमा बढ़ाने पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि इससे स्कूलों और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम होगा।

सरकार ने आयु सीमा बढ़ाने से किया इनकार

परिवहन राज्यमंत्री ने जवाब देते हुए बताया कि वर्तमान नियमों के अनुसार शैक्षणिक संस्थानों की बसों की अधिकतम आयु 15 वर्ष और निजी विद्यालयों की वैन की आयु 10 वर्ष निर्धारित है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और केवल वाहन की उम्र ही नहीं, उसकी तकनीकी स्थिति भी महत्वपूर्ण होती है। इसलिए मौजूदा नियमों में बदलाव का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है।

सदन में कई सदस्यों ने किया समर्थन

सपा विधायक के सवाल का समर्थन भाजपा और शिक्षक दल के कई सदस्यों ने भी किया। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि कोई वाहन नियमित फिटनेस जांच में सफल हो रहा है और पूरी तरह सुरक्षित है, तो केवल आयु के आधार पर उसे संचालन से बाहर करने के नियम पर भविष्य में पुनर्विचार किया जा सकता है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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