
Lifestyle news:आजकल लोग अपनी सेहत को लेकर काफी सजग हैं। कोई रोज जिम जाता है तो कोई रनिंग और बैलेंस डाइट को अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बना चुका है। लेकिन क्या सिर्फ एक्सरसाइज और अच्छा खानपान ही दिल को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त है? एक डॉक्टर द्वारा साझा किए गए 45 साल के व्यक्ति के केस ने इस सवाल को फिर चर्चा में ला दिया है।
45 साल की उम्र में दो बार पड़ा स्टेंट
डॉ. हर्ष व्यास ने एक ऐसे व्यक्ति का केस साझा किया, जिसे 45 साल की उम्र में दो कोरोनरी स्टेंट की जरूरत पड़ी। हैरानी की बात यह थी कि वह व्यक्ति रोजाना करीब 5 से 6 किलोमीटर दौड़ता था और अपनी डाइट का भी पूरा ध्यान रखता था।
इसके बावजूद उसकी हार्ट हेल्थ प्रभावित हुई। डॉक्टर के मुताबिक, इस व्यक्ति की लाइफस्टाइल में एक महत्वपूर्ण कमी थी—उसकी नींद। वह रोजाना केवल करीब 5 से 6 घंटे सोता था और उसकी नौकरी भी काफी तनावपूर्ण थी।
सिर्फ डाइट और एक्सरसाइज पर निर्भर रहना ठीक नहीं
डॉक्टर के मुताबिक, एक्सरसाइज और पौष्टिक भोजन निश्चित रूप से स्वस्थ जीवनशैली के जरूरी हिस्से हैं, लेकिन शरीर को रिकवरी के लिए पर्याप्त नींद भी चाहिए। दिनभर काम और तनाव के दौरान शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों की भरपाई के लिए आराम महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अगर लगातार नींद कम होती रहे तो शरीर का रिकवरी सिस्टम प्रभावित हो सकता है। लंबे समय तक ऐसा होने पर स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ने का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए फिट रहने के लिए रनिंग और डाइट के साथ नींद को भी उतनी ही प्राथमिकता देना जरूरी है।
कितने घंटे सोना चाहिए?
डॉ. हर्ष व्यास ने रोजाना कम से कम 7 घंटे की नींद लेने की सलाह दी है। केवल नींद की अवधि ही नहीं, बल्कि सोने और जागने का समय भी नियमित रखना महत्वपूर्ण बताया गया है।
उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति एक दिन रात 10 बजे सोता है, दूसरे दिन 12 बजे और फिर अगले दिन रात 1 बजे सोता है, तो लगातार बदलता हुआ स्लीप शेड्यूल शरीर की दिनचर्या को प्रभावित कर सकता है।
रिसर्च में भी सामने आया है नींद और हार्ट का कनेक्शन
नींद और हृदय स्वास्थ्य के बीच संबंध को लेकर कई शोध किए गए हैं। NIH से जुड़े शोधों में अपर्याप्त नींद को हृदय गति में बदलाव और नॉरपेनेफ्रिन जैसे स्ट्रेस हार्मोन के बढ़े स्तर से जोड़ा गया है। अनियमित नींद को भी हृदय संबंधी समस्याओं के बढ़े जोखिम से जोड़ा गया है।