अमित शाह ने कहा कि उनकी पार्टी ने पहले ही कांग्रेस से अनुरोध किया था कि वह 1, 2 और 3 नवंबर को कोई बड़ा कार्यक्रम आयोजित न करे, क्योंकि ये तारीखें सिख समुदाय के लिए बेहद संवेदनशील हैं। इसके बावजूद कांग्रेस ने अपनी रैली आयोजित की।
राहुल गांधी पर अमित शाह का सीधा हमला
जनसभा में अमित शाह ने कहा कि उन्होंने राहुल गांधी से दिल्ली में रैली नहीं करने का अनुरोध किया था। उनका दावा है कि इस आयोजन से व्यापारियों को करीब 25 हजार करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान हुआ।
शाह ने कहा कि कांग्रेस ने उनकी पार्टी और व्यापारियों की अपील पर ध्यान नहीं दिया। हालांकि, कारोबार के नुकसान से जुड़ा यह आंकड़ा अमित शाह का दावा है।
1984 के सिख विरोधी दंगों का किया जिक्र
अमित शाह ने अपने भाषण में 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर 1984 को कांग्रेस पर लगे आरोपों और दंगों में मारे गए हजारों सिखों की याद आज भी लोगों के मन में है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी संवेदनशील तारीख पर राजनीतिक रैली आयोजित करना पीड़ित परिवारों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है। शाह ने कहा कि उनकी पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए कांग्रेस से अपील की थी कि वह इन तीन दिनों में कोई कार्यक्रम न करे।
राजीव गांधी के बयान का भी किया जिक्र
अपने संबोधन में अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस चर्चित बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है।
शाह ने इस बयान को याद करते हुए राहुल गांधी की रैली पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का रवैया 1984 के दंगों के पीड़ितों के जख्मों को फिर से कुरेदने जैसा है।
कांग्रेस की राजनीति पर भी साधा निशाना
अमित शाह ने कांग्रेस को राजनीतिक रूप से घेरते हुए कहा कि पार्टी को आने वाले चुनावों में जनता के सवालों का जवाब देना होगा। उन्होंने अगले तीन चुनावों में कांग्रेस की हार का दावा भी किया।
गौरतलब है कि दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की ‘चलो दिल्ली’ रैली के आयोजन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ विपक्षी दल अपने कार्यक्रम के जरिए सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ बीजेपी इस आयोजन की तारीख और उससे जुड़ी संवेदनशीलता पर सवाल उठा रही है।
