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Uttar Pradesh: जिला पंचायतों में नक्शा पास कराना होगा महंगा, अवैध निर्माण सील करने का मिलेगा अधिकार

उत्तर प्रदेश में अपना घर बनाने का सपना देख रहे लोगों की जेब पर अब अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश की जिला पंचायतों को अधिक शक्तिशाली और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए नई ‘मॉडल नियमावली’ तैयार की जा रही है।
यहाँ इस महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव पर आधारित विस्तृत रिपोर्ट दी गई है:

यूपी में घर बनाना होगा महंगा

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योगी सरकार लाने जा रही नई नियमावली; अब नक्शा पास कराने के लिए देने होंगे ज्यादा पैसे
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए जिला पंचायतों को नगर निगमों और विकास प्राधिकरणों (जैसे LDA, PDA) की तर्ज पर सशक्त करने जा रही है। नई ‘मॉडल नियमावली’ के लागू होने के बाद जिला पंचायतों की आय बढ़ाने के लिए नक्शा पास कराने के शुल्क में बड़ी बढ़ोतरी की जाएगी। साथ ही, जिला पंचायतों को अब अवैध निर्माण को सील करने और उसे ध्वस्त करने जैसे कड़े अधिकार भी दिए जाएंगे।

तीन श्रेणियों में बंटेंगे जिले

शासन द्वारा गठित हाईपावर कमेटी की सिफारिशों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के 75 जिलों को विकास के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया है। इन श्रेणियों के आधार पर नक्शा पास करने के लिए अनुज्ञा शुल्क (Permission Fee) की दरें इस प्रकार प्रस्तावित हैं:

प्रथम श्रेणी के शहर: 750 रुपये प्रति वर्ग मीटर।
द्वितीय श्रेणी के शहर: 500 रुपये प्रति वर्ग मीटर।
तृतीय श्रेणी के शहर: 250 रुपये प्रति वर्ग मीटर।
इसके अलावा, अनुज्ञा शुल्क के रूप में 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर तय करने पर भी सहमति बनी है।

बिल्डरों पर कसेगा शिकंजा

नई नियमावली में अवैध प्लॉटिंग और नियमों की अनदेखी रोकने के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं:

1. जमीन बंधक रखने का अधिकार: विकास प्राधिकरणों की तरह अब जिला पंचायतें भी बिल्डरों की 20 फीसदी भूमि को बंधक रख सकेंगी। यह जमीन तभी मुक्त होगी जब परियोजना में पर्यावरण और सभी विकास मानकों का पालन सुनिश्चित होगा।
2. विकास और शमन शुल्क: टाउनशिप निर्माण करने वाली संस्थाओं से अब जिला पंचायतें ‘विकास शुल्क’ (Development Fee) और अवैध निर्माण की स्थिति में ‘शमन शुल्क’ (Compounding Fee) भी वसूल सकेंगी।

लखनऊ में पहले ही बढ़ चुके हैं दाम

राजधानी लखनऊ में मकान बनवाना पहले ही महंगा हो चुका है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने 1 अप्रैल 2026 से नक्शा पास कराने के शुल्क में 3.58 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू कर दी है। लागत सूचकांक (Cost Index) में वृद्धि को इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण बताया गया है, जिससे मध्यम वर्ग और रियल एस्टेट सेक्टर पर सीधा असर पड़ा है।

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