World Youth Skills Day 2026: विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले में स्किल-इंडस्ट्रियल जोन विकसित किए जाएंगे। इन जोन में एमएसएमई, कौशल विकास, व्यावसायिक शिक्षा तथा श्रम एवं सेवायोजन विभाग मिलकर युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण देंगे और रोजगार उपलब्ध कराएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशों में रोजगार की बढ़ती मांग को देखते हुए युवाओं को जापानी सहित अन्य विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर हासिल कर सकें।
AI और नई तकनीकों पर रहेगा फोकस
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कौशल विकास को नई पहचान मिली है। प्रदेश के आईटीआई और अन्य प्रशिक्षण संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समेत आधुनिक तकनीकों की शिक्षा दी जा रही है। साथ ही रोजगार मेलों और कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से युवाओं को नौकरी के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
युवाओं को नौकरी नहीं, रोजगार देने वाला बनाना लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में बिना किसी सिफारिश के 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं, जबकि 3.25 करोड़ से अधिक युवा और कारीगर स्वरोजगार से जुड़े हैं।
पारंपरिक उद्योगों और रक्षा क्षेत्र को मिला बढ़ावा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मुरादाबाद का पीतल, फिरोजाबाद का कांच, भदोही की कालीन और लखनऊ की चिकनकारी जैसे पारंपरिक उद्योगों को नई मजबूती मिली है। उन्होंने ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण परियोजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके लिए 200 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई, जिससे प्रदेश के लगभग 500 युवाओं को रोजगार मिला और राज्य को जीएसटी के रूप में भी आय प्राप्त हो रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं से कौशल आधारित शिक्षा अपनाकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 21 युवाओं को सम्मानित भी किया।
