spot_img
Friday, April 3, 2026
-विज्ञापन-

More From Author

Vikata Chaturthi 2026: अगर आप भी पाना चाहते हैं अपनी मनमानी नौकरी तो इस दिन कर लें गणेश जी के ये विशेष उपाय

Vikata Chaturthi 2026: वैशाख मास का प्रारंभ हो चुका है और इस महीने का पहला महत्वपूर्ण व्रत ‘विकट संकष्टी चतुर्थी’ के रूप में मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, वैशाख कृष्ण चतुर्थी तिथि 5 अप्रैल 2026, रविवार को सुबह 11 बजकर 59 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 6 अप्रैल को दोपहर 2 बजकर 10 मिनट पर समाप्त होगी। चूंकि संकष्टी चतुर्थी के व्रत में रात्रि के समय चंद्रमा को अर्घ्य देना अनिवार्य होता है, इसलिए यह व्रत 5 अप्रैल, रविवार को ही रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह दिन न केवल विघ्नहर्ता गणेश की कृपा पाने के लिए विशेष है, बल्कि मनपसंद नौकरी और करियर में स्थिरता पाने के उपायों के लिए भी सर्वोत्तम माना जाता है।

मनचाही नौकरी और करियर ग्रोथ के अचूक उपाय

यदि आप लंबे समय से कठिन परिश्रम कर रहे हैं लेकिन फिर भी करियर में मनचाही प्रगति नहीं मिल पा रही है, तो संकष्टी चतुर्थी का दिन आपके लिए वरदान साबित हो सकता है। मौजूदा नौकरी में आ रही समस्याओं या नई नौकरी की तलाश में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए इस दिन व्रत रखना अत्यंत फलदायी होता है। विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा करते हुए उन्हें दूर्वा और मोदक अर्पित करने से शनि और राहु जैसे ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं। पूजा के दौरान अपनी पेशेवर बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना करने से जीवन में सकारात्मकता बढ़ती है और उन्नति के नए मार्ग खुलते हैं।

व्यापार में उन्नति और बुध ग्रह का प्रभाव

व्यापारिक सफलता का सीधा संबंध बुध ग्रह से होता है, जो हमारी बुद्धि और वाणी को नियंत्रित करता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि बुध ग्रह की स्थिति खराब हो, तो जातक को व्यापार में निरंतर हानि का सामना करना पड़ता है और उसकी निर्णय क्षमता प्रभावित होती है। ऐसे व्यक्तियों के लिए संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करना अनिवार्य बताया गया है। इस सरल उपाय से बुध ग्रह शुभ फल देने लगता है, जिससे कारोबार में तेजी आती है और जातक की वाणी में प्रखरता आती है, आज के प्रतिस्पर्धी युग में तनाव प्रगति की राह में सबसे बड़ी बाधा है। यदि आप अत्यधिक तनाव या मानसिक अशांति के कारण सही निर्णय नहीं ले पा रहे हैं, तो संकष्टी चतुर्थी की रात चंद्रमा को अर्घ्य देना आपके लिए विशेष लाभकारी होगा।

प्रमुख जानकारी: एक नजर में

* व्रत तिथि: 5 अप्रैल 2026, रविवार।
* अर्घ्य का समय: चतुर्थी तिथि के चंद्रोदय के अनुसार।
* विशेष लाभ: शनि, राहु और बुध ग्रह के दोषों का निवारण।
* पूजा सामग्री: दूर्वा (घास), मोदक, लाल फूल और अक्षत।

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। News1 india इसकी पुष्टि नहीं करता है।

Latest Posts

-विज्ञापन-

Latest Posts