दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। EV Policy 2.0 के तहत अब पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलने (रेट्रोफिटिंग) पर सरकार आर्थिक प्रोत्साहन देगी। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि वाहन मालिकों को अपने पुराने वाहन को स्क्रैप करने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
दिल्ली EV पॉलिसी 2.0 क्या है?
दिल्ली सरकार की यह नई नीति ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट द्वारा तैयार की गई है। इसका मकसद राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ाना, फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता घटाना और लोगों के लिए EV को सुलभ बनाना है।
यह नीति 2020 में लागू हुई पुरानी EV पॉलिसी का अपग्रेड वर्जन है, जिसे अब तक कई बार बढ़ाया जा चुका है।
पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों को EV में बदलने पर मिलेगी सब्सिडी
EV पॉलिसी 2.0 के ड्राफ्ट के अनुसार:
-
पुराने पेट्रोल या डीजल कारों को इलेक्ट्रिक में बदलने पर
₹50,000 तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी -
यह सब्सिडी पहले 1,000 वाहनों के लिए लागू होगी
-
वाहन मालिक को अपनी पुरानी कार का अपग्रेडेड इलेक्ट्रिक वर्जन मिलेगा
पहले रेट्रोफिटिंग का सबसे बड़ा मुद्दा इसकी महंगी लागत थी, लेकिन सरकार की यह मदद इस बाधा को काफी हद तक कम कर देगी।
टू-व्हीलर के लिए भी मिलेगा फायदा
ड्राफ्ट पॉलिसी में दोपहिया वाहनों को लेकर भी प्रस्ताव शामिल हैं:
-
पेट्रोल से चलने वाले टू-व्हीलर को इलेक्ट्रिक में बदलने पर
₹35,000 से ₹40,000 तक की सब्सिडी -
इससे डिलीवरी एजेंट्स और डेली कम्यूटर्स को सीधा फायदा मिलेगा
फॉसिल फ्यूल वाहनों पर धीरे-धीरे लगेगा ब्रेक
EV पॉलिसी 2.0 में कई बड़े और सख्त फैसलों का प्रस्ताव है:
-
15 अगस्त 2025 से
-
नए CNG ऑटो का रजिस्ट्रेशन बंद
-
मौजूदा परमिट को ई-ऑटो में बदला जा सकता है
-
-
15 अगस्त 2026 से
-
नए पेट्रोल, डीजल और CNG दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन बंद
-
-
दो कार वाले परिवार
-
तीसरी या अतिरिक्त कार केवल इलेक्ट्रिक ही खरीदनी होगी
-
सरकारी और नगर निगम बेड़ा पूरी तरह EV बनेगा
ड्राफ्ट के मुताबिक:
-
2027 तक सरकारी और नगर निगम के सभी वाहन इलेक्ट्रिक होंगे
-
इसमें कचरा उठाने वाली गाड़ियां और बसें भी शामिल हैं
-
Delhi Transport Corporation और अन्य एजेंसियां EV बसों की संख्या तेजी से बढ़ाएंगी
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर होगा मजबूत
EV अपनाने में सबसे बड़ी जरूरत चार्जिंग नेटवर्क की होती है। इस पर भी सरकार का फोकस है:
-
दिल्ली भर में हजारों नए पब्लिक चार्जिंग स्टेशन
-
रिहायशी इलाकों, बाजारों और ऑफिस एरिया में चार्जिंग सुविधा
-
EV यूजर्स को रेंज एंग्जायटी से राहत
नीति लागू होने की स्थिति
अधिकारियों के अनुसार, यह प्रस्ताव अभी विचाराधीन है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा।
यह फैसला GRAP स्टेज-III की पाबंदियां हटने के बाद सामने आया है।
FAQs
Q1. EV पॉलिसी 2.0 के तहत कितनी सब्सिडी मिलेगी?
पुरानी पेट्रोल या डीजल कार को इलेक्ट्रिक में बदलने पर ₹50,000 तक की सब्सिडी मिलेगी।
Q2. क्या यह सब्सिडी सभी वाहनों के लिए है?
नहीं, फिलहाल यह सुविधा पहले 1,000 वाहनों के लिए प्रस्तावित है।
Q3. टू-व्हीलर के लिए क्या फायदा है?
पेट्रोल टू-व्हीलर को इलेक्ट्रिक में बदलने पर ₹35,000–₹40,000 तक की मदद मिलेगी।
Q4. नए पेट्रोल या डीजल वाहन कब बंद होंगे?
15 अगस्त 2026 से नए पेट्रोल, डीजल और CNG दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन बंद करने का प्रस्ताव है।
Q5. EV चार्जिंग की सुविधा कैसे बढ़ेगी?
सरकार दिल्ली में हजारों नए पब्लिक चार्जिंग पॉइंट्स लगाने की योजना बना रही है।

