spot_img
Thursday, January 8, 2026
-विज्ञापन-

More From Author

बिना वित्त सचिव के रविवार को आएगा बजट 2026-27, परंपरा से हटकर होगा बजट पेश!

भारत का आम बजट 2026-27 कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रहा है। परंपरा से हटकर यह 1 फरवरी को रविवार के दिन पेश हो सकता है, लेकिन इससे भी बड़ी चर्चा इस बात की है कि पहली बार वित्त मंत्रालय में कोई वित्त सचिव नहीं होगा। फिर भी बजट की तैयारी जोरों पर है, जो मंत्रालय की क्षमता को दर्शाता है। वित्त सचिव मंत्रालय का सबसे वरिष्ठ IAS अधिकारी होता है, जो विभागों के बीच समन्वय, नीतिगत फैसले और बजट प्रक्रिया की निगरानी करता है।

बजट की तारीख में बदलाव: रविवार का ऐतिहासिक निर्णय

आम बजट हमेशा 1 फरवरी को संसद के अंतरिम सत्र में पेश होता रहा है, जो बजटीय ईयर (1 अप्रैल से 31 मार्च) से पहले होता है। लेकिन 2026-27 का बजट रविवार को आने की संभावना है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संकेत दिया है कि संसद सत्र की तारीखें बजट अनुसूची के अनुरूप तय होंगी। यह बदलाव लोकसभा चुनावों या अन्य कार्यक्रमों से प्रभावित हो सकता है। सरकार ने कहा है कि लोकसभा चुनाव न होने से पूर्ण बजट पेश होगा। इसकी तैयारी दिसंबर 2025 से चल रही है।

वित्त सचिव की अनुपस्थिति: पहली बार की स्थिति

वित्त सचिव मंत्रालय का ‘बजट मास्टरमाइंड’ होता है। वह आर्थिक सर्वे, व्यय प्रबंधन, राजस्व अनुमान और नीतिगत समन्वय का केंद्र होता है। लेकिन 2026-27 बजट के समय मंत्रालय में कोई स्थायी वित्त सचिव नहीं होगा। वर्तमान वित्त सचिव तनवीर सिंह धिनधाव की सेवानिवृत्ति जनवरी 2026 में हो चुकी है या होने वाली है। अतिरिक्त सचिव या अन्य वरिष्ठ अधिकारी बजट प्रक्रिया संभालेंगे।

यह स्थिति असामान्य है, लेकिन मंत्रालय ने पहले भी ऐसी परिस्थितियों में काम किया है। विभाग राजस्व (CBDT, CBIC), व्यय, आर्थिक मामले और निवेश विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। वित्त मंत्री कार्यालय सीधे निगरानी रखेगा।

बजट की तैयारी कैसे चल रही?

बजट प्रक्रिया दिसंबर से शुरू हो जाती है।

  • राजस्व अनुमान: GST, आयकर, कॉर्पोरेट टैक्स से 32 लाख करोड़ का लक्ष्य।

  • व्यय योजना: पूंजीगत खर्च 12 लाख करोड़ से ऊपर, इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस।

  • नीतिगत घोषणाएं: MSME, कृषि, रोजगार, महिला सशक्तिकरण।
    वित्त मंत्री दिसंबर में PM, NITI Aayog, RBI से परामर्श कर चुकी हैं। आर्थिक सर्वे 31 जनवरी को आएगा।

क्या होगा असर?

वित्त सचिव न होने से प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी, लेकिन समन्वय चुनौतीपूर्ण हो सकता है। सरकार का दावा है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और अनुभवी टीम से सब सुचारू रहेगा। बजट में ट्रिपल तलाक कानून की तरह सामाजिक योजनाओं पर जोर होगा।

Latest Posts

-विज्ञापन-

Latest Posts