उत्तर भारत इन दिनों भीषण शीतलहर की चपेट में है, जिससे पहाड़ी और मैदानी दोनों इलाकों में पारा रिकॉर्ड स्तर तक लुढ़क गया है। माउंट आबू में तापमान माइनस 3 डिग्री सेल्सियस और गुरुग्राम में 0.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक शीतलहर और घने कोहरे के बने रहने की चेतावनी जारी की है।
कहां कितना गिरा पारा?
उत्तर भारत के कई राज्यों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 4–7 डिग्री तक नीचे दर्ज किया जा रहा है।
माउंट आबू (राजस्थान): तापमान माइनस 3 डिग्री सेल्सियस तक चला गया, जिससे शहर में बर्फ जैसा जमा पाला और कड़ाके की ठंड का दौर जारी है।
गुरुग्राम (हरियाणा): न्यूनतम तापमान लगभग 0.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो इस सीजन का सबसे ठंडा स्तर है और सामान्य से कई डिग्री नीचे है।
दिल्ली–एनसीआर: IMD डेटा के मुताबिक, दिल्ली के कई इलाकों में पारा 3 डिग्री के आसपास दर्ज हुआ, जबकि कुछ स्टेशनों पर यह इससे भी नीचे चला गया।
राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, यूपी, हिमाचल, उत्तराखंड के कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान 0–5 डिग्री के बीच रिकॉर्ड हुआ, जिससे शीतलहर की स्थिति और गंभीर हो गई है।
IMD की ताज़ा प्रेस रिलीज़ के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में रात का तापमान सामान्य से 5–10 डिग्री तक कम चल रहा है, जो ‘सीवियर कोल्ड वेव’ की परिभाषा में आता है।
IMD की चेतावनी: कब तक चलेगी शीतलहर?
भारतीय मौसम विभाग ने 11–14 जनवरी के लिए उत्तर भारत के कई राज्यों में ‘कोल्ड वेव टू सीवियर कोल्ड वेव’ का अलर्ट जारी किया है।
राजस्थान: 12–13 जनवरी को कई हिस्सों में भीषण शीतलहर, 14 जनवरी तक ठंड में मामूली कमी की संभावना।
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली: 12 जनवरी को कहीं-कहीं गंभीर शीतलहर, 13 जनवरी से धीरे-धीरे राहत के संकेत।
पश्चिमी यूपी: 13 जनवरी को भीषण शीतलहर, 14 तक सामान्य शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है।
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड: 12–13 जनवरी तक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भीषण शीतलहर, कई जगह सब-ज़ीरो तापमान के साथ।
IMD ने साथ ही अगले 5 दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में सुबह के समय घने से बहुत घने कोहरे की चेतावनी दी है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।
इतनी कड़ाके की ठंड क्यों?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद साफ आसमान और उत्तरी दिशा से चलने वाली शुष्क, ठंडी हवाएं तापमान को तेजी से नीचे धकेल रही हैं।
हिमालयी क्षेत्रों से आने वाली ठंडी सतही हवाएं मैदानी इलाकों में गहराई तक प्रवेश कर रही हैं, जिससे राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और पश्चिमी यूपी में रात का तापमान अचानक गिरा है।
दिन में भी धूप कमजोर, धुंध और ठंडी हवाएं मिलकर ‘कोल्ड डे’ और ‘सीवियर कोल्ड डे’ जैसी परिस्थितियां पैदा कर रही हैं, जहां अधिकतम तापमान भी सामान्य से 4–6 डिग्री कम दर्ज हो रहा है।
उदयपुर और आसपास के इलाकों में “मावठ” (ठंडी बारिश) के बाद तापमान में 5–10 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई, जिसने राजस्थान में ठिठुरन और बढ़ा दी है।
आम लोगों पर असर और एडवाइजरी
भीषण शीतलहर का असर आम जनजीवन पर साफ दिख रहा है।
सुबह–शाम सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम हो गई है, खुले में काम करने वाले मज़दूर, रिक्शा चालक, रेहड़ी–पटरी वाले सबसे अधिक प्रभावित हैं।
कई राज्यों में स्कूलों के समय में बदलाव या छुट्टी, खासकर छोटे बच्चों के लिए, जारी किए गए हैं।
ट्रेनें और फ्लाइट्स घने कोहरे के कारण लेट या रद्द हो रही हैं, विजिबिलिटी कई जगहों पर 50–100 मीटर तक सिमट रही है।
IMD और राज्य सरकारों ने लोगों को इन सलाहों का पालन करने को कहा है:
सुबह–शाम कई लेयर वाले गर्म कपड़े पहनें, सिर, कान और पैरों को खास तौर पर ढकें।
बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और हार्ट/अस्थमा के मरीजों को बिना जरूरी काम के देर रात–सुबह बाहर जाने से बचने की सलाह।
ठंड में हीटर या अंगीठी का इस्तेमाल करते समय कमरे की वेंटिलेशन का ध्यान रखें, ताकि कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी गैसों का खतरा न बढ़े।

