उत्तर प्रदेश के जेवर में बनने वाला नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) सिर्फ हवाई सफर ही नहीं बदलने वाला, बल्कि दिल्ली-NCR की सड़क और रेल कनेक्टिविटी को भी नई दिशा देगा। खास बात यह है कि अब एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए घंटों ट्रैफिक में फंसने की मजबूरी कम हो सकती है। इसके लिए एक नई हाई-स्पीड रीजनल रेल योजना “नमो भारत (RRTS) कॉरिडोर” पर काम तेज किया जा रहा है, जिससे गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद जैसे बड़े शहर सीधे जेवर एयरपोर्ट से जुड़ सकेंगे।
जेवर एयरपोर्ट के लिए नया नमो भारत हाई-स्पीड कॉरिडोर क्या है?
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद यात्रियों की आवाजाही तेजी से बढ़ेगी। इसे ध्यान में रखते हुए YEIDA (Yamuna Expressway Industrial Development Authority) ने एक नई परियोजना की रिपोर्ट तैयार करके केंद्र सरकार को सौंप दी है।
इस प्रस्तावित कॉरिडोर की मुख्य विशेषताएं:
लंबाई: लगभग 72.44 किलोमीटर
अनुमानित लागत: ₹20,360 करोड़
उद्देश्य: एयरपोर्ट तक तेज, भरोसेमंद और ट्रैफिक-फ्री कनेक्टिविटी देना
72 किमी कॉरिडोर से किन शहरों को होगा सीधा फायदा?
यह नमो भारत कॉरिडोर दिल्ली-NCR के कई प्रमुख शहरों को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने का काम करेगा। इसमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
गाजियाबाद
गुरुग्राम
फरीदाबाद
मेरठ
ग्रेटर नोएडा/नोएडा
इसका सबसे बड़ा फायदा उन यात्रियों को होगा जो अभी रोड ट्रैफिक की वजह से एयरपोर्ट पहुंचने में देर झेलते हैं।
ट्रैफिक कम करने में कैसे मदद करेगा यह प्रोजेक्ट?
अभी गुरुग्राम/फरीदाबाद जैसे इलाकों से जेवर एयरपोर्ट जाना मुख्य रूप से सड़क पर निर्भर है, जहां अक्सर:
पीक टाइम पर भारी जाम
टोल और लंबा रूट
यात्रा समय का अनुमान लगाना मुश्किल
RRTS आधारित नमो भारत कॉरिडोर बनने के बाद यात्री:
कम समय में एयरपोर्ट टर्मिनल तक सीधे पहुंचेंगे
सड़क पर निर्भरता घटेगी
बड़े शहरों से एयरपोर्ट के लिए एक भरोसेमंद पब्लिक ट्रांसपोर्ट विकल्प मिलेगा
सुरजपुर क्यों बनेगा बड़ा इंटरचेंज हब?
इस योजना का सबसे अहम प्वाइंट सुरजपुर (Greater Noida) को माना जा रहा है। वजह यह है कि सुरजपुर को इंटरचेंज हब के रूप में तैयार किया जाएगा, जहां:
गाजियाबाद–जेवर एयरपोर्ट नमो भारत लाइन
गुरुग्राम–फरीदाबाद–नोएडा रेल कॉरिडोर (हरियाणा सरकार द्वारा प्रस्तावित)
दोनों कॉरिडोर मिलेंगे।
इससे यात्रियों को लाइन बदलने में आसानी, और सीधा रूट विकल्प मिलेगा।
कुल 22 स्टेशन: नमो भारत + मेट्रो का इंटीग्रेटेड प्लान
इस प्रोजेक्ट को सिर्फ RRTS तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे Integrated Transport Corridor के रूप में डिजाइन किया गया है।
स्टेशन प्लान:
कुल स्टेशन: 22
11 स्टेशन: नमो भारत (RRTS)
11 स्टेशन: मेट्रो
Aqua Line मेट्रो भी जुड़ेगी
कॉरिडोर में नोएडा मेट्रो की Aqua Line को शामिल करने की योजना है, जिससे:
नोएडा वेस्ट के लोगों को बड़ा फायदा होगा
चार मूर्ति चौक जैसे आसपास के इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी
लाइट मेट्रो भी इसी कॉरिडोर पर चलेगी: लागत कम होगी
रिपोर्ट के अनुसार, भविष्य में प्रस्तावित लाइट मेट्रो (Film City से Jewar Airport) के लिए भी यही इन्फ्रास्ट्रक्चर इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे:
निर्माण लागत घटेगी
यात्रियों को स्मूद इंटरचेंज मिलेगा
एक ही कॉरिडोर में RRTS + Metro + Light Rail की सुविधा बन सकेगी
दिल्ली-NCR में ट्रैवल और मोबिलिटी पर क्या होगा असर?
यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद:
NCR की रीजनल कनेक्टिविटी काफी मजबूत होगी
एयरपोर्ट तक जाना तेज और व्यवस्थित होगा
सड़कों पर वाहनों का दबाव घटेगा
पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा
FAQs
1) नमो भारत (RRTS) कॉरिडोर क्या होता है?
नमो भारत एक हाई-स्पीड रीजनल रेल सेवा है, जो शहरों के बीच तेज यात्रा के लिए बनाई जाती है। यह मेट्रो से तेज और इंटरसिटी ट्रैवल के लिए उपयुक्त होती है।
2) गुरुग्राम और फरीदाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक कितना लंबा कॉरिडोर बनेगा?
प्रस्तावित कॉरिडोर की लंबाई करीब 72.44 किलोमीटर बताई गई है।
3) इस कॉरिडोर की अनुमानित लागत कितनी है?
प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग ₹20,360 करोड़ है।
4) सुरजपुर को इंटरचेंज हब क्यों बनाया जा रहा है?
सुरजपुर पर दो बड़े कॉरिडोर मिलने की योजना है, जिससे यात्रियों को लाइन बदलने में सुविधा और कनेक्टिविटी में तेजी मिलेगी।
5) क्या इस कॉरिडोर में मेट्रो भी शामिल होगी?
हाँ, प्रस्तावित प्लान में Aqua Line मेट्रो को शामिल करने की बात है और कुल 11 मेट्रो स्टेशन निर्धारित किए गए हैं।








