Aadhaar Update: आधार आज के समय में एक बहुत ही महत्वपूर्ण दस्तावेज है। सरकारी काम से लेकर बैंकिंग या अन्य जरूरी काम तक के लिए आधार का होना अनिवार्य है। साथ ही हम सभी के लिए आधार कार्ड में दी गई जानकारी को पूरी तरह से अपडेट रखना बहुत जरूरी है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) समय-समय पर आधार को लेकर हर तरह की अपडेट देता रहता है। अब यूआईडीएआई आधार से जुड़े फ्रॉड को रोकने के लिए धांसू प्लान ला रहा है।
यूआईडीएआई का धांसू प्लान!
अब यूआईडीएआई ने जन्म और मृत्यु के आंकड़ों को आधार से जोड़ने का फैसला किया है। इसके तहत अब नवजात शिशु को अस्थाई आधार नंबर जारी किया जाएगा, बाद में इसे बायोमेट्रिक डाटा से अपग्रेड किया जाएगा। इतना ही नहीं, मृत्यु के पंजीकरण के रिकॉर्ड को भी आधार से जोड़ा जाएगा, ताकि इन नंबरों के दुरुपयोग को रोका जा सके. यानी अब हर व्यक्ति के जन्म से लेकर मृत्यु तक का डाटा आधार में जोड़ा जाएगा।
दो पायलट परियोजनाओं की योजना
यूआईडीएआई के एक अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ‘जन्म के साथ आधार संख्या का आवंटन सुनिश्चित करेगा कि बच्चे और परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले। इससे कोई भी सामाजिक सुरक्षा के लाभों से वंचित नहीं रहेगा। इसी तरह, आधार को मृत्यु डेटा से जोड़ने से प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) योजना के दुरुपयोग को रोका जा सकेगा। अब ऐसे कई मामले सामने आते हैं जिनमें लाभार्थी की मौत के बाद भी उसके आधार का इस्तेमाल किया जा रहा था. इसके लिए जल्द ही 2 पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे।
जानिए क्या है जीरो आधार?
दरअसल, यूआईडीएआई समय-समय पर ग्राहकों के फायदे के लिए प्लान पेश करता रहता है। अब यूआईडीएआई भी जीरो आधार आवंटित करने की योजना बना रहा है। इससे फर्जी आधार नंबर नहीं बनेगा, यानी किसी भी तरह की फर्जीवाड़ा नहीं होगा। इसके तहत एक व्यक्ति को एक से अधिक आधार नंबर आवंटित नहीं किए जा सकते हैं। जीरो आधार नंबर ऐसे लोगों को दिया जाता है जिनके पास जन्म, निवास या आय का कोई प्रमाण नहीं होता है।