देश में वेतन आयोग से जुड़ी चर्चाओं के बीच असम ने बड़ा कदम उठाते हुए 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा कर दी है। केंद्र सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद असम ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस फैसले से राज्य के करीब 7 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या असम अपने कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी केंद्र सरकार से पहले लागू कर देगा।
असम में 8वें वेतन आयोग का गठन
1 जनवरी को असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने 8वें वेतन आयोग के गठन की आधिकारिक घोषणा की।
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राज्य सरकार ने आयोग के अध्यक्ष के रूप में अतिरिक्त मुख्य सचिव सुभाष दास की नियुक्ति की है।
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आयोग का उद्देश्य राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन ढांचे में व्यापक सुधार करना है।
इस आयोग के लागू होने से लगभग 7 लाख कर्मचारी और पेंशनधारक प्रभावित होंगे, जिनमें विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारी शामिल हैं।
केंद्र सरकार का 8वां वेतन आयोग: क्या स्थिति है?
केंद्र सरकार ने पहले ही 8वें वेतन आयोग का गठन कर दिया है, जिसकी अध्यक्षता Justice Ranjana Desai कर रही हैं।
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यह एक तीन सदस्यीय आयोग है।
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आयोग को अपनी रिपोर्ट 18 महीनों के भीतर सौंपनी है।
हालांकि, केंद्र सरकार को Terms of Reference (ToR) तय करने में करीब 10 महीने का समय लगा, जिससे प्रक्रिया थोड़ी धीमी हो गई।
असम कब देगा अपनी सिफारिशें?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, असम का 8वां वेतन आयोग भी 18 महीनों के भीतर अपनी सिफारिशें सौंप सकता है।
इन सिफारिशों में शामिल होंगे:
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वेतन संरचना में बदलाव
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पेंशन और पारिवारिक पेंशन
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महंगाई भत्ता और अन्य भत्ते
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सेवा शर्तों में सुधार
क्या असम के कर्मचारियों को केंद्र से पहले बढ़ी हुई सैलरी मिलेगी?
असम सरकार की तेजी को देखते हुए यह संभावना जताई जा रही है कि राज्य सरकार केंद्र से पहले वेतन आयोग की सिफारिशें लागू कर सकती है।
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मुख्यमंत्री ने न केवल आयोग का गठन किया, बल्कि उसी दिन अध्यक्ष की नियुक्ति भी कर दी।
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इससे साफ संकेत मिलता है कि सरकार प्रक्रिया में देरी नहीं करना चाहती।
यदि ऐसा होता है, तो यह पहली बार होगा जब कोई राज्य केंद्र से पहले 8वें वेतन आयोग को लागू करेगा।
7वें वेतन आयोग की पृष्ठभूमि
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7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गया।
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इसकी सिफारिशें 1 अप्रैल 2017 से लागू हुई थीं।
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वेतन और पेंशन की गणना की आधार तिथि 1 जनवरी 2016 थी।
परंपरागत रूप से केंद्र पहले वेतन आयोग लागू करता है, उसके बाद राज्य सरकारें उसे अपनाती हैं। इसी कारण कई राज्यों में अब भी 6वें वेतन आयोग के अनुसार वेतन दिया जा रहा है।
FAQs
Q1. 8वां वेतन आयोग असम में कब लागू होगा?
उत्तर: आयोग की रिपोर्ट 18 महीनों में आने की उम्मीद है, उसके बाद लागू होने की प्रक्रिया शुरू होगी।
Q2. असम में कितने कर्मचारी और पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे?
उत्तर: लगभग 7 लाख सरकारी कर्मचारी और पेंशनधारक।
Q3. क्या असम केंद्र से पहले सैलरी बढ़ा सकता है?
उत्तर: मौजूदा संकेतों के अनुसार, इसकी संभावना जताई जा रही है।
Q4. 7वां वेतन आयोग कब खत्म हुआ?
उत्तर: 31 दिसंबर 2025 को।
Q5. केंद्र सरकार के 8वें वेतन आयोग की अध्यक्ष कौन हैं?
उत्तर: जस्टिस रंजना देसाई।

