Bahraich psycho criminal arrested: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में बच्चों को अगवा कर उनके साथ दुष्कर्म करने वाले एक खतरनाक साइको अपराधी को पुलिस ने दबोच लिया है। यह गिरफ्तारी बहराइच के सुजौली थाना क्षेत्र में पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई का नतीजा है। आरोपी ने पुलिस के सामने अपने गुनाहों को स्वीकार करते हुए बताया कि उसने कुल सात बच्चियों को अपना निशाना बनाया था। हालांकि, इनमें से चार मामलों में ही पुलिस के पास शिकायतें दर्ज थीं। इस गिरफ्तारी से सुजौली और आस-पास के इलाकों में फैली दहशत कम हुई है, जहां पिछले कुछ दिनों से बच्चियों के गायब होने और फिर मिलने की घटनाओं ने अभिभावकों को गहरी चिंता में डाल दिया था। पुलिस ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए कई टीमें बनाई थीं और गहन जांच के बाद इस अपराधी को पकड़ने में सफलता हासिल की।
पिछले कुछ समय से सुजौली थाना क्षेत्र में मासूम बच्चियों के लापता होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं, जिससे पूरे इलाके में डर का माहौल बन गया था। पुलिस ने इन घटनाओं को बेहद गंभीरता से लिया और पांच विशेष टीमें गठित कीं, जिनमें स्थानीय पुलिस और एसओजी के सदस्य शामिल थे। इन टीमों ने मिलकर एक योजनाबद्ध तरीके से काम किया और आखिरकार अभियुक्त अविनाश पाण्डेय उर्फ सिम्पल पाण्डेय पुत्र अजय प्रकाश पाण्डेय, निवासी सुजौली, को सीताराम नहर पुलिया से गिरफ्तार कर लिया।
Bahraich पुलिस अधीक्षक राम नयन सिंह ने बताया कि आरोपी अविनाश पाण्डेय ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह यौन कुंठित साइको है और मासूम बच्चियों को अपना शिकार बनाता था। आरोपी सुजौली इलाके में अक्सर सोती हुई बच्चियों या घर के बाहर खेल रही मासूम बेटियों को चॉकलेट और चिप्स का लालच देकर बहला-फुसला लेता था। उन्हें अगवा करने के कुछ ही घंटों बाद, वह उसी दिन बच्चियों को छोड़ देता था।
Bahraich पुलिस को आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन भी मिले हैं, जिनमें बच्चियों के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो मौजूद हैं। ये सबूत आरोपी के जघन्य अपराधों की पुष्टि करते हैं। पुलिस ने आरोपी अविनाश पाण्डेय उर्फ सिम्पल पाण्डेय के खिलाफ अपहरण और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। गहन पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सुजौली थाने में बच्चियों के लापता होने की चार शिकायतें दर्ज की गई थीं। इनमें से पहली शिकायत 25 जून को, फिर 6 जुलाई को दो और 7 जुलाई को एक शिकायत दर्ज हुई थी। हालांकि, आरोपी ने अपने कबूलनामे में कुल सात बच्चियों के साथ ऐसी हरकत करने की बात स्वीकारी है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कुछ मामले पुलिस की जानकारी में नहीं आ पाए थे। इस गिरफ्तारी से क्षेत्र की जनता ने राहत की सांस ली है और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया है कि मामले की पूरी गंभीरता से जांच की जाएगी और आरोपी को उसके अपराधों के लिए कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाएगी।