Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली के द्वारका स्थित यशोभूमि में शनिवार को ‘यशोत्सव 2026’ के समापन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने शिरकत की और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में अपना लोहा मनवाने वाले लगभग बारह सौ मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप वितरित किए। इसके साथ ही दिल्ली खेल महाकुंभ 2025-26 के विजेता खिलाड़ियों को भी पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह केवल पुरस्कार बांटने का समारोह नहीं है, बल्कि यह दिल्ली की युवा शक्ति के परिश्रम और उनके सपनों का उत्सव है।
शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल क्रांति और आधुनिक सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि दिल्ली सरकार का मुख्य लक्ष्य हर विद्यार्थी को विश्वस्तरीय शिक्षा और आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराना है। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान नौ हजार कक्षाओं में स्मार्ट बोर्ड लगाने का कार्य पूरा किया है। इसके अतिरिक्त दो सौ पचहत्तर स्कूलों में अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब और सौ स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की गई है। सरकार का प्रयास है कि सरकारी स्कूलों का हर बच्चा तकनीक से लैस हो ताकि वह वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सके। मुख्यमंत्री ने लैपटॉप वितरण को इसी दिशा में एक बड़ा कदम बताया, जिससे छात्र डिजिटल माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
खेलों को बढ़ावा देने के लिए ऐतिहासिक निवेश
शिक्षा के साथ-साथ खेलों को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली खेल महाकुंभ के माध्यम से पच्चीस हजार से अधिक खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है। खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना’ के तहत अब तक कुल पचास करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। सरकार का विजन है कि दिल्ली को देश की खेल राजधानी के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए ओलंपिक पदक विजेताओं के लिए सात करोड़ रुपये तक की भारी भरकम पुरस्कार राशि भी निर्धारित की गई है।
राष्ट्र निर्माण का आधार है
उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने शिक्षा के लिए उन्नीस हजार करोड़ रुपये का भारी बजट आवंटित किया है। सरकार का मानना है कि शिक्षा और खेल राजनीति का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की नींव हैं। नई शिक्षा नीति के तहत दिल्ली के सरकारी स्कूलों को समावेशी और भविष्य के अनुरूप बनाया जा रहा है। बाल वाटिकाओं से लेकर ड्रोन क्लब तक के नवाचार इसी रणनीति का हिस्सा हैं। अंत में मुख्यमंत्री ने सभी शिक्षकों और अभिभावकों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की यह सफलता उनके सही मार्गदर्शन का परिणाम है।

