Delhi Airport: शनिवार सुबह इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर एक बड़ा विमान हादसा टल गया। IndiGo की एक फ्लाइट, जो विशाखापत्तनम से दिल्ली आ रही थी, हवा में ही तकनीकी खराबी का शिकार हो गई। जैसे ही विमान दिल्ली के करीब पहुंचा, उसके एक इंजन में गंभीर समस्या आ गई। उस वक्त विमान में करीब 160 यात्री सवार थे, जिनकी सांसें कुछ देर के लिए थम सी गईं।लेकिन फ्लाइट के पायलट ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बिना समय गंवाए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को इमरजेंसी सिग्नल भेजा। सूचना मिलते ही एयरपोर्ट प्रशासन हरकत में आ गया। कुछ ही मिनटों में पूरे एयरपोर्ट पर ‘फुल इमरजेंसी’ लागू कर दी गई। सायरन बजने लगे, एम्बुलेंस और दमकल की गाड़ियां रनवे के आसपास तैनात कर दी गईं।
रनवे-28 बना हाई अलर्ट जोन
विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए रनवे नंबर-28 को पूरी तरह खाली करा लिया गया। हर तरफ सतर्कता का माहौल था। मेडिकल टीम, फायर ब्रिगेड और सुरक्षा एजेंसियां किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार थीं। एयरपोर्ट का माहौल कुछ देर के लिए किसी आपात स्थिति जैसा हो गया था।
पायलट की सूझबूझ ने बचाई जानें
सबसे अहम भूमिका पायलट की रही, जिसने घबराए बिना पूरे हालात को संभाला। बेहद जोखिम भरी स्थिति के बावजूद पायलट ने विमान को सावधानी से नियंत्रित किया और सही समय पर रनवे-28 पर सुरक्षित लैंडिंग करवाई। जैसे ही विमान जमीन पर उतरा, वहां मौजूद अधिकारियों और यात्रियों ने राहत की सांस ली।
सभी यात्री सुरक्षित, टला बड़ा संकट
इस घटना में सबसे राहत की बात यह रही कि सभी 160 यात्री और क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित हैं। किसी को भी चोट नहीं आई। हालांकि, कुछ समय के लिए यात्रियों में डर और तनाव का माहौल जरूर बना रहा।यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि आपात स्थिति में सही ट्रेनिंग और त्वरित निर्णय कितना जरूरी होता है। पायलट की समझदारी और एयरपोर्ट प्रशासन की तेजी ने एक बड़े हादसे को टाल दिया।यह घटना डरावनी जरूर थी,लेकिन अंत सुखद रहा और यही सबसे बड़ी राहत की बात है।

