स्टार प्लस के लोकप्रिय धारावाहिक अनुपमा में एक बार फिर उच्च वोल्टेज ड्रामा सामने आया है, जहां कहानी का नया केंद्रबिंदु प्रार्थना के बच्चे को लेकर परिवार में बढ़ते तनाव और विवाद बन गया है। पिछले कुछ दिनों से शो की कहानी प्रार्थना की गोदभराई समारोह और उसके बाद के घटनाक्रमों के इर्द‑गिर्द घूम रही है, जिसमें पारिवारिक रिश्ते और भावनात्मक तकरार देखने को मिल रहे हैं।
आगामी एपिसोड में गौतम, वसुंधरा और माही ने मिलकर एक नया कानूनी कदम उठाया है, जिसमें उन्होंने प्रार्थना को लीगल नोटिस दिया है। इस नोटिस में कहा गया है कि प्रार्थना कहीं भी रह सकती है, लेकिन उसका बच्चा कोठारी परिवार के घर में रहेगा, और कानूनी रूप से बच्चे के नाम के पीछे गौतम का नाम जुड़ा रहेगा, जबकि माही बच्चे की देखभाल करने वाली मां होगी।
यह कदम शो के परिंदे पर बड़ा ड्रामा ट्विस्ट लाता है और देखने वालों के बीच यह कयास लगाया जा रहा है कि इससे प्रार्थना और कोठारी परिवार के रिश्तों में और अधिक दरार आ सकती है।
पारिवारिक तनाव: अनुपमा‑प्रार्थना की प्रतिक्रिया और कोठारी परिवार की योजना
जैसे ही यह लीगल नोटिस सामने आता है, प्रार्थना, अनुपमा और उनके बेटा अंश गुस्से में आ जाते हैं। प्रार्थना नाराज़गी जताते हुए कहती है कि “यह बच्चा मेरा है और अंश इसका पिता है”, और उसे जबरदस्ती छीनने की कोई भी योजना उसे मंज़ूर नहीं है। वह वसुंधरा, पराग और गौतम पर तीखा विरोध भी व्यक्त करती है।
इस पर अनुपमा भी गुस्से में आती हैं और दृढ़ता से कहती हैं कि वह अपने पोते‑बहू को अपने घर वापस ले जाएंगी और ये देखने की चुनौती पेश करती हैं कि कोई उनके इरादों को रोक सकता है या नहीं। इस भावना‑भरे दृश्य से एक मजबूत पारिवारिक संघर्ष की झलक मिलती है, जहां मातृत्व और अपनी संतान के अधिकार की रक्षा का भाव उभर कर आता है।
खींचतान और भावनात्मक टकराव: परिवार के दो धड़े
जैसे ही वसुंधरा प्रार्थना को साथ ले जाने की कोशिश करती हैं और उसका हाथ पकड़ती हैं, एक जोरदार शारीरिक तथा भावनात्मक संघर्ष शुरू हो जाता है। इस बीच अनुपमा उनकी सहायता करने की कोशिश करती हैं, जिससे वसुंधरा को थोड़ा धक्का भी लगता है।
तत्पश्चात पाराग स्थिति से नाराज़ होकर एक लाइन‑ड्रा की घोषणा करते हैं। उनका कहना है कि जो भी अनुपमा के पक्ष में रहना चाहता है वह एक ओर, और जो उनके विरोध में है वह दूसरी ओर जाए। इस बीच प्रेम भी अनुपमा के साथ खड़े दिखाई देते हैं, लेकिन राही उस तय की गई लाइन पर खड़ी दिखाई देती हैं, जिससे संकेत मिलता है कि वह एक अस्पष्ट स्थिति में खड़ी है और शायद भविष्य में अपने निर्णय से सबको चौंका सकती है।
दर्शकों की प्रतिक्रिया और आगे की राह
अनुपमा के इस नए स्पॉइलर से यह साफ़ संकेत मिलता है कि शो हाल के समय में मज़बूत पारिवारिक संघर्ष, कानूनी उलझनें और भावनात्मक कलह को प्रमुख विषय बना रहा है। यह मोड़ दर्शकों के बीच अलग‑अलग प्रतिक्रियाओं को जन्म दे रहा है, क्योंकि प्रार्थना के बच्चे का अधिकार, मातृत्व की भावना और पारिवारिक संबंधों की अहमियत जैसे मुद्दे अब केंद्र में हैं।
कुल मिलाकर, इस कहानी का यह नया भाग न केवल अनुपमा के पात्रों के बीच रिश्तों को चुनौती देता है, बल्कि दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर करता है कि एक पारिवारिक टीवी धारावाहिक में संबंधों, अधिकारों और दिल के बीच संतुलन कैसे बनाए रखा जा सकता है।

