अनुपमा के 9 जनवरी 2026 के एपिसोड में कोठारी और शाह परिवार के बीच एक और बड़ी बहस देखने को मिली। इस एपिसोड की शुरुआत शाह हाउस से होती है जहाँ अनुपमा पाखी को समझाने की कोशिश करती हैं कि वह किसी भी फैसले को जल्दबाज़ी में न करें और दिवाकर को बेहतर जानने का प्रयास करें। पाखी अनुपमा की बात नहीं मानती और कहती है कि वह खुद निर्णय लेगी कि उसे क्या करना है।
प्रार्थना-मोटी बा की तीखी बहस
कोठारी घर में मोटी बा प्रार्थना की गोदभराई में शाह परिवार के शामिल न होने का फैसला करती हैं। यह बताते हुए कि वह शाह परिवार को पसंद नहीं करतीं, मोटी बा का रूख कड़ा रहता है। प्रार्थना यह सब सुनकर शांत नहीं रहती और कहती है कि अगर कोई शाह परिवार को पसंद नहीं करता तो वे वहाँ नहीं आएँगे। उसने यह भी स्पष्ट किया कि “कोई भी तैयारी परिवार के सम्मान से बड़ी नहीं हो सकती।”
प्रार्थना ने मोटी बा के रवैये का सख्त जवाब देते हुए यह तंज भी कसा कि ऐसा परिवार जो गौतम जैसे व्यक्ति को दो बार दामाद बना चुका है, उसके पास किसी के बारे में टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। यह सीन दर्शकों को यह दिखाता है कि प्रार्थना अपनी बात दृढ़ता से रख रही है और पारिवारिक सम्मान को सर्वोपरि मानती है।
माही-राही का भावनात्मक टकराव
बहस सिर्फ मोटी बा-प्रार्थना तक ही सीमित नहीं रहती। माही भी नाराज़ हो जाती हैं और प्रार्थना को चेतावनी देते हुए कहती हैं कि अगर उसने उनके पति पर आरोप लगाए तो वह चुप नहीं बैठेंगी। इस पल पर राही अपनी बहन की तीखी भर्त्सना करती हैं। राही कहती हैं कि माही सबसे बड़ा कलंक है, यह कहते हुए कि वह उन्हीं लोगों के बारे में बुरा बोल रही है जिन्होंने उसे पाला-पोसा।
राही का यह भावनात्मक पल यह बताता है कि परिवार में तनाव केवल परिस्थितियों के कारण नहीं बल्कि व्यक्तिगत भावनाओं और अतीत के ज़ख़्मों के कारण भी उभरते हैं।
पराग की समझाइश और शाह परिवार की एंट्री
जैसे-जैसे बहस बढ़ती है, पराग सभी को शांत करने की कोशिश करते हैं। वह मोटी बा को समझाते हैं और प्रार्थना को बताते हैं कि उसकी गोदभराई वहीं होगी जहाँ वह चाहती है। इसके बाद शाह परिवार समारोह में शामिल होने आता है और शुरू होता है गोदभराई का आयोजन।
शाह परिवार के आने के बाद माहौल थोड़ा शांत दिखता है, परंतु परिवारों के बीच खिंचाव पहले से कहीं अधिक गहरा हो चुका है।
एपिसोड की सारंग
इस एपिसोड में पारिवारिक मेल-जोल, सम्मान और भावनाओं के संघर्ष ने कहानी को और आगे बढ़ाया है।
- प्रार्थना अपने अधिकार और सम्मान के लिए खड़ी रहती हैं।
- मोटी बा अपने पूर्वाग्रहों के साथ टकराती हैं।
- माही-राही के बीच भावनाएं उभरकर सामने आती हैं।
- अंत में पराग सामंजस्य स्थापित करते हैं और समारोह आगे बढ़ता है।
यह एपिसोड दर्शाता है कि अनुपमा में रिश्तों की जटिलता, पारिवारिक टकराव और भावनात्मक बारीकियाँ किस प्रकार से कहानी को नई ऊँचाइयों पर ले जाती हैं।

