स्टार प्लस के लंबे समय से लोकप्रिय टीवी सीरियल ये रिश्ता क्या कहलाता है में एक बार फिर से हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिल रहा है। वर्तमान कहानी के अनुसार, घर में चल रहे डांस कंपटीशन ने रिश्तों के जटिल बुनियाद को और गहरा कर दिया है। इस प्रतियोगिता में अभिरा दोनों बच्चियों — मायरा और वाणी — के लिए संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन परिस्थितियाँ उसके हाथ से फिसलती नजर आ रही हैं।
सीरियल में अभिरा ने वाणी को डांस कंपटीशन में शामिल करने का निर्णय किया है, लेकिन उसे वाणी के लिए एक पार्टनर खोजने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। शुरुआती दौर में वह तान्या से मदद मांगती है, लेकिन तान्या अपनी प्रोफेशनल प्रतिबद्धताओं के चलते मना कर देती है। इससे अभिरा की चिंता और बढ़ जाती है।
अरमान का बड़ा कदम: वाणी के लिए डांस पार्टनर बनना
कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब अरमान, जो परिवार का एक महत्वपूर्ण सदस्य और वाणी-मायरा दोनों के लिए पिता-सा व्यवहार रखते हैं, वाणी का डांस पार्टनर बनने का निर्णय लेते हैं। वाणी इस फैसले से बेहद खुश होती है और अभिरा को भी थोड़ी राहत मिलती नजर आती है। अरमान के साथ डांस प्रैक्टिस की अलग-सी ऊर्जा है, जहाँ वह वाणी को उत्साहित करते हैं और उसकी हिम्मत बढ़ाते हैं।
हालांकि अरमान डांस में सहज नहीं दिखते, फिर भी उनका समर्थन वाणी में आत्मविश्वास जगाता है। इस कदम के बाद वाणी-अरमान की जोड़ी की केमिस्ट्री उस घटना का केंद्र बन जाती है, जिससे परिवार के अन्य सदस्यों के बीच भावनात्मक प्रतिक्रियाएँ उभरती हैं — खासकर मायरा के अंदर।
मायरा की जलन और अभिरा पर बढ़ता दबाव
डांस कंपटीशन और अरमान-वाणी की जोड़ी का असर मायरा पर सीधा दिखता है। मायरा, जो पहले से ही अभिरा के निर्णयों को लेकर असुरक्षित महसूस कर रही थी, अब खासकर अरमान के वाणी के साथ देखने के बाद और भी अधिक जलन में है। विद्या और कावेरी जैसे परिवार के वरिष्ठ सदस्य भी मायरा से सवाल करते हैं कि क्या उसे अरमान-वाणी की जोड़ी से कोई परेशानी है। इसका सीधा असर मायरा के व्यवहार और भावनाओं पर पड़ता है और वह और अधिक गुस्सा करती नजर आती है।
वाणी को कबूतर-सी मासूमियत और भरोसे के साथ लाइफ में आगे बढ़ता देख मायरा के मन में असुरक्षा और प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ती है। वाणी को लेकर विद्या की गलती भी माहौल और तनाव को बढ़ाने वाली एक महत्वपूर्ण घटना बनती है। कथा आगे दर्शाती है कि वाणी को मायरा समझकर विद्या की ममता दिखाने का सीन मायरा को बड़ा झटका देता है, जिससे उसकी जलन और गुस्सा अभिरा पर फूट सकता है।
अभिरा की मुश्किलें: संतुलन बनाने का संघर्ष
अभिरा इस स्थिति के बीच संतुलन बनाना चाहती है: एक तरफ वाणी के लिए समर्थन और सही फैसले लेना, दूसरी तरफ मायरा की भावनाओं और भाव-भावनात्मक ज़रूरतों को समझना। वह दोनों बच्चियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करती है, लेकिन जैसे-जैसे तनाव बढ़ता है, यह उसके लिए और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
कहानी का केंद्रबिंदु यह है कि अभिरा चाहती है कि घर में सब बच्चे खुश रहें और पुराना अनुबंधित रिश्ता मजबूत बने, लेकिन उससे उम्मीद से बहुत अधिक सवाल उठते हैं, जिससे वह भावनात्मक दबाव में आती है। इससे आने वाले एपिसोड्स में अभिरा की चुनौतियाँ और संघर्ष प्रमुख रूप से दिखेंगे — शायद कुछ ऐसे मोड़ जिनका सीधा असर परिवार के रिश्तों पर पड़ेगा।

