लोहड़ी उत्तर भारत, विशेषकर पंजाब व उसके आसपास के इलाकों में बहुत उत्साह के साथ मनाया जाने वाला प्रमुख सर्दियों का त्योहार है। यह पर्व मकर संक्रांति से एक दिन पहले यानी 13 जनवरी के आसपास आता है और इसे मुख्य रूप से फसल कटाई और नई फसल के आगमन की खुशी के साथ जोड़ा जाता है। अग्नि (बाटी) के चारों ओर नृत्य, गीत, भांगड़ा और गिद्दा इसके सांस्कृतिक आकर्षण हैं, लेकिन पारंपरिक व्यंजन इस त्योहार को और भी मनोहारी बनाते हैं। भारत में किसी भी त्यौहार की बात हो और स्वादिष्ट खाना न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता है।
प्रमुख पारंपरिक व्यंजन
लोहड़ी की रसोई सर्दियों की ताज़ा फसलों और स्थानीय सामग्री से भरी होती है। यहाँ हम आपके घर में बनाए जा सकने वाले 5 खास पारंपरिक व्यंजनों का विस्तृत विवरण दे रहे हैं, जो इस पर्व के माहौल को और भी स्वादिष्ट बनाएंगे।
पिंडी चना – प्रोटीन युक्त चटपटा स्वाद
पिंडी चना एक पारंपरिक पंजाबी डिश है जिसे खासकर लोहड़ी के दिन बनाया जाता है। इसमें उबले हुए चने मसालों, हरी मिर्च और प्याज के साथ मिलाकर तैयार किए जाते हैं। पौष्टिक और स्वादिष्ट, यह शाकाहार पसंद करने वालों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है।
गुड़ वाला हलवा – मीठा परंपरा का स्वाद
त्योहार पर मिठाइयाँ अनिवार्य रूप से बनती हैं, और लोहड़ी में गुड़ वाला हलवा एक लोकप्रिय पसंद है। यह खासकर पंजाब के अमृतसर शैली में तैयार किया जाता है, जिसमें गुड़ का मीठापन और सूजी/आटा का घोल मिलकर एक लाजवाब मिठाई बनाते हैं।
तिल और गुड़ की चिक्की – सर्दियों का लोकप्रिय स्नैक
लोहड़ी में तिल (सेसम) और गुड़ का खास महत्व होता है। तिल की चिक्की सर्दियों में शरीर को ऊर्जा देती है और इसका मीठा-करारा स्वाद बच्चों और बड़ों, दोनों को पसंद आता है। घर में तिल और गुड़ मिलाकर आप इसे आसानी से बना सकते हैं।
कढ़ाई पनीर – स्वादिष्ट मुख्य व्यंजन
जब घर में मेहमान आते हैं या परिवार के साथ डिनर पर कुछ खास चाहिए होता है तो कढ़ाई पनीर एक उत्तम विकल्प बन जाता है। यह प्याज, शिमला मिर्च, मसालों और नरम पनीर के संयोजन से तैयार होता है और मक्खन वा रोटी के साथ बेहतरीन लगता है।
सरसों का साग और मक्के की रोटी – सर्दियों का सर्दी भरी थाली
किसी भी पंजाबी भोज की बात हो और सरसों का साग व मक्के की रोटी का जिक्र न हो, ऐसा संभव नहीं है। यह सर्दियों के मौसम में मस्ती के साथ खाया जाता है और लोहड़ी का पारंपरिक मुख्य व्यंजन माना जाता है। ताजा साग को मसालों के साथ पकाया जाता है और मक्खन के साथ गरमा गरम मक्के की रोटी परोसी जाती है।
त्योहार में व्यंजनों की सांस्कृतिक महत्ता
लोहड़ी सिर्फ खाना खाने का अवसर नहीं है, बल्कि ये व्यंजन पारंपरिक रूप से आग (बोनफायर) के चारों ओर दिये जाने वाले अर्पण के हिस्से भी हैं। तिल, मूंगफली, गजक, पॉपकॉर्न, गुड़ आदि को आग में अर्पण करना, स्वास्थ्य, समृद्धि और अच्छी फसल के लिए प्रार्थना का प्रतीक माना जाता है।
घर पर बनाने के सुझाव
- स्वाद संतुलन: मीठा (गुड़, हलवा), मसालेदार (पिंडी चना), पौष्टिक (सरसों का साग) — सभी व्यंजन मिलकर लोहड़ी की थाली को संतुलित बनाते हैं।
- सामग्री की ताजगी: तिल, सरसों के साग, मक्के का आटा — इन सर्दियों की ताज़ा सामग्री का प्रयोग स्वाद बढ़ाता है।
- मेहमान सत्कार: मुख्य व्यंजन जैसे कढ़ाई पनीर व साग–रोटी मेहमानों को परोसने के लिए उत्तम विकल्प हैं।
लोहड़ी का त्योहार केवल एक मौसमी उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय कृषि समुदाय की खुशियों और परंपराओं का संगम है। इन पारंपरिक व्यंजनों को घर पर बनाकर आप इस त्योहार को और भी खास बना सकते हैं। हर एक डिश अपनी संस्कृति, स्वाद और पोषण का बेहतरीन मिश्रण पेश करती है, जो लोहड़ी के आग और संगीत के साथ मिलकर यादगार बन जाती है।

