पालक पुलाव आज भारतीय खाने में एक लोकप्रिय और पौष्टिक विकल्प के रूप में उभर रहा है। यह पारंपरिक पुलाव का एक स्वस्थ रूप है, जिसमें ताज़ा पालक (Spinach) को मसालों और बासमती चावल के साथ जोड़ा जाता है। यह रेसिपी विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य का भी ध्यान रखते हैं।
पालक पुलाव की सामग्री
पालक पुलाव को स्वादिष्ट और संतुलित बनाने के लिए नीचे दी गई सामग्री का उपयोग किया जाता है:
- ताज़ा पालक – 250 ग्राम
- बासमती चावल – 1.5 कप
- प्याज़ – 1 मध्यम
- हरी मिर्च – 1-2 (स्वादानुसार)
- अदरक-लहसुन का पेस्ट – 1 चम्मच
- जीरा – 1 चम्मच
- काली मिर्च और गरम मसाला – आवश्यकतानुसार
- नमक – स्वादानुसार
- तेल / घी – 2-3 टेबलस्पून
- पानी – लगभग 3 कप
यह सामग्री पारंपरिक भारतीय मसालों और ताज़े पालक के संगम से बनती है, जो पुलाव को आकर्षक रंग, सुगंध और स्वाद देती है।
बनाने की विधि (Step by Step)
पालक पुलाव को घर पर बनाना अपेक्षाकृत सरल है और यह समझने में भी सहज है। सबसे पहले ताज़े पालक को अच्छी तरह धो लें। बड़े पत्तों को काटकर पानी से साफ करें। धोने के बाद इसे ब्लेंडर में डालकर एक पतला पेस्ट बना लें। एक कड़ाही या बर्तन में तेल/घी गरम करें। इसमें जीरा डालें और चटकने पर बारीक कटा प्याज़ डालकर सुनहरा भूरा होने तक भूनें। इसके बाद अदरक-लहसुन का पेस्ट और हरी मिर्च मिला कर कुछ और सेकंड्स भूनें। अब इसमें पालक का पेस्ट डालें और 2-3 मिनट तक मध्यम आंच पर भूनें।
पालक जब नरम हो जाए, तब उसमें भीगे हुए बासमती चावल, नमक, काली मिर्च और गरम मसाला डालें। सब चीज़ों को धीरे-धीरे मिलाएं ताकि मसाले और पालक चावल में अच्छी तरह इंटरमिक्स हो जाएं। अब 3 कप पानी डालें और बर्तन को ढक दें। मध्यम-धीमी आंच पर चावल को पकने दें। जब पानी सूखने लगे और चावल पूरी तरह से पक जाएं, तब गैस बंद करें और 5 मिनट तक पुलाव को डमी होने दें।
यह विधि न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि पालक को चावल के साथ संतुलित और पौष्टिक रूप में पेश करती है।
पोषण और स्वास्थ्य लाभ
पालक पुलाव सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज़ से भी लाभकारी है:
- फाइबर और आयरन का स्रोत: पालक में आयरन और फाइबर प्रचुर मात्रा में मिलता है, जो पाचन क्रिया और ऊर्जा के स्तर को बेहतर बनाता है।
- विटामिन्स और एंटीऑक्सिडेंट्स: पालक में विटामिन A, C, K और एंटीऑक्सिडेंट्स पाये जाते हैं, जो इम्यूनिटी और आँखों के स्वास्थ्य में सहायक हैं।
- कम कैलोरी, अधिक पोषण: पारंपरिक तले-भुने पुलाव की तुलना में इस रेसिपी में अपेक्षाकृत कम तेल/घी का उपयोग होता है, जिससे यह स्वास्थ्य के अनुकूल विकल्प बनता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पालक जैसी पत्तेदार सब्ज़ियाँ डाइट में शामिल करने से कई दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं, जैसे कि दिल-दिमाग़ की बीमारियों का जोखिम कम होना और रक्त शर्करा का संतुलन।
परोसने और संयोजन के सुझाव
पालक पुलाव को आप अलग-अलग तरीकों से परोस सकते हैं:
- दही या रायता: ताज़े खीरे का रायता या सादा दही इसके स्वाद को बढ़ाते हैं।
- पापड़ और सलाद: क्रंची पापड़ और ताज़ी सलाद इसे हेल्दी और संतुलित भोजन बनाते हैं।
- चटनी या अचार: हरी चटनी या भारतीय अचार इसे और ज़्यादा स्वादिष्ट बनाते हैं।
पालक पुलाव न केवल एक स्वादिष्ट व्यंजन है बल्कि आज की जीवनशैली में स्वास्थ्य के साथ संतुलन बनाये रखने का भी एक प्रभावी तरीका है। यह रेसिपी सरलता से घर पर तैयार की जा सकती है और सभी उम्र के लोगों के लिए उपयुक्त है। ताज़ा पालक, सुगंधित मसाले और भूरा प्याज़ इस डिश को पारंपरिक भारतीय खाने से एक आधुनिक पौष्टिक विकल्प बनाते हैं।
इस प्रकार पालक पुलाव न केवल खाने में स्वादिष्ट होता है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है, जो इसे घरों और रेस्तरां दोनों में लोकप्रिय बनाता है।

