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Tuesday, February 10, 2026
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अब बाजार से नहीं खरीदेंगे अजवाइन! बस इस एक आसान ट्रिक से आपकी बालकनी में उगेगा ढेर सारा मसाला, जानें पूरा तरीका

शहरी जीवन में सीमित जगह के कारण लोग अब किचन गार्डनिंग की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। बालकनी या छत पर गमलों में सब्जियां और मसाले उगाना न केवल सेहत के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह मानसिक सुकून भी देता है। ऐसे में अजवाइन (Carom Seeds) एक ऐसा पौधा है, जिसे बेहद आसानी से घर पर उगाया जा सकता है। थोड़ी सी देखभाल और सही तकनीक से आपकी बालकनी भी अजवाइन की खुशबू से महक सकती है।

गमले में अजवाइन उगाने के फायदे

अजवाइन भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है। यह न केवल खाने का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि पाचन, गैस, खांसी-जुकाम और पेट दर्द जैसी समस्याओं में भी राहत देती है। घर पर उगाई गई अजवाइन पूरी तरह ऑर्गेनिक होती है, जिससे केमिकल युक्त मसालों से बचाव होता है। इसके अलावा, घर में उगाई गई अजवाइन ताजगी से भरपूर होती है और लंबे समय तक सुरक्षित रहती है।

गमले और मिट्टी का सही चुनाव

अजवाइन उगाने के लिए सबसे पहले सही गमले का चयन करना जरूरी है। इसके लिए 8 से 10 इंच गहरा और चौड़ा गमला उपयुक्त माना जाता है। गमले में नीचे जल निकासी के लिए छेद होना जरूरी है ताकि पानी जमा न हो।

मिट्टी के मिश्रण के लिए बगीचे की सामान्य मिट्टी में वर्मी कंपोस्ट या गोबर की खाद मिलाकर हल्का और पोषक तत्वों से भरपूर मिश्रण तैयार किया जाता है। मिट्टी का ड्रेनेज अच्छा होना चाहिए, क्योंकि अजवाइन को ज्यादा पानी पसंद नहीं होता।

बीज बोने की सही विधि

अजवाइन के बीज बहुत छोटे होते हैं, इसलिए इन्हें सीधे मिट्टी के ऊपर छिड़कना बेहतर होता है। बीज बोने से पहले इन्हें 6 से 8 घंटे पानी में भिगो दिया जाए तो अंकुरण तेजी से होता है। इसके बाद बीजों को हल्की मिट्टी की परत से ढक दें और स्प्रे से हल्का पानी डालें।

करीब 7 से 10 दिनों में बीज अंकुरित होने लगते हैं और कुछ ही हफ्तों में पौधा आकार लेने लगता है।

धूप, पानी और खाद का सही संतुलन

अजवाइन के पौधे को रोजाना 4 से 6 घंटे की धूप की जरूरत होती है। इसे ऐसी जगह रखें जहां पर्याप्त सूर्य प्रकाश मिल सके।

पानी देने के मामले में संतुलन बेहद जरूरी है। जरूरत से ज्यादा पानी पौधे की जड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है। सप्ताह में 2 से 3 बार हल्का पानी पर्याप्त रहता है।

हर 15 दिन में वर्मी कंपोस्ट या जैविक खाद डालने से पौधे की ग्रोथ अच्छी होती है और पत्तियां हरी-भरी बनी रहती हैं।

देखभाल और कटाई का सही तरीका

अजवाइन का पौधा लगभग 2 से 3 महीने में तैयार हो जाता है। जब पौधे पर छोटे सफेद फूल आने लगें और बीज बनने लगें, तब इसकी कटाई की जा सकती है।

कटाई के बाद बीजों को अच्छी तरह सुखाकर एयरटाइट डिब्बे में स्टोर किया जा सकता है। इससे अजवाइन लंबे समय तक सुरक्षित रहती है और जरूरत के अनुसार उपयोग की जा सकती है।

बालकनी गार्डनिंग से बदलती जीवनशैली

घर पर मसाले और सब्जियां उगाने से न केवल पैसे की बचत होती है, बल्कि यह स्वस्थ जीवनशैली को भी बढ़ावा देता है। अजवाइन जैसे आसान पौधे शुरुआती लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प हैं। थोड़ी सी मेहनत और नियमित देखभाल से आपकी बालकनी एक छोटे से हरे-भरे बगीचे में बदल सकती है।

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